Kami menganggap kemenganan itu bermula saat bai'atur ridlwan pada peristiwa hudaibiyyah
Imam Bukhari : 3309
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مُبَارَكٍ حَدَّثَنَا حَزْمٌ قَالَ سَمِعْتُ الْحَسَنَ قَالَ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَخَرَجَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَعْضِ مَخَارِجِهِ وَمَعَهُ نَاسٌ مِنْ أَصْحَابِهِ فَانْطَلَقُوا يَسِيرُونَ فَحَضَرَتْ الصَّلَاةُ فَلَمْ يَجِدُوا مَاءً يَتَوَضَّئُونَ فَانْطَلَقَ رَجُلٌ مِنْ الْقَوْمِ فَجَاءَ بِقَدَحٍ مِنْ مَاءٍ يَسِيرٍ فَأَخَذَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَوَضَّأَ ثُمَّ مَدَّ أَصَابِعَهُ الْأَرْبَعَ عَلَى الْقَدَحِ ثُمَّ قَالَ قُومُوا فَتَوَضَّئُوا فَتَوَضَّأَ الْقَوْمُ حَتَّى بَلَغُوا فِيمَا يُرِيدُونَ مِنْ الْوَضُوءِ وَكَانُوا سَبْعِينَ أَوْ نَحْوَهُ
हमसे कहिन है [अब्दुर्रहमान बिन मुबारक] हमसे कहिन हैं [हजम] कहिन; हम [अल हसन] का कहत सुने रहेन, उ हमसे कहिन [अनस बिन मलिक रदलियाल्लाहु अन्हू] कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने प्रस्थान के बीच यात्रा कर रहे थे, उस समय कई दोस्त उनके साथ रहे। रवाना होइके सफर किहिन, नमाज कै समय आवा लकिन वजू कै पानी नाय मिला। तब एक जनजाति का एक मनई एक गिलास पानी लइके आवा। तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पानी का गिलास लिया और वजू के लिए इस्तेमाल किया, फिर उन्होंने अपनी चार उंगली खोलकर गिलास के ऊपर रख दी और उन्होंने कहा: "वजू के लिए उठो।" यहिसे समूह वजू तब तक करत रहा जब तक कि वजू करै वाले सबके इच्छा पूरी न होइ जाय। ऊ समय ओनमा से सत्तर या वहिके आसपास रहे'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 12040, 12281, 12767, 13601, 13793, 13997, 14278, 14405, 16878, 17829
Imam Bukhari : 164, 3307, 3308, 3309, 3310, 3311, 3312, 3835, 3836, 3837, 3838, 3839, 3840, 3841
Imam Muslim : 4224, 4225, 4226
Imam Tirmidzi : 3564, 3566
Imam Malik : 57
Imam Darimi : 25, 26, 27, 28, 29, 30