Rasulullah menuangkannya ke dalam bejana seraya meletakkan kedua telapak tangannya, maka serta merta keluarlah air dari ujung jemari beliau
Imam Bukhari : 3308
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّهُ قَالَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَحَانَتْ صَلَاةُ الْعَصْرِ فَالْتُمِسَ الْوَضُوءُ فَلَمْ يَجِدُوهُ فَأُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِوَضُوءٍ فَوَضَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَهُ فِي ذَلِكَ الْإِنَاءِ فَأَمَرَ النَّاسَ أَنْ يَتَوَضَّئُوا مِنْهُ فَرَأَيْتُ الْمَاءَ يَنْبُعُ مِنْ تَحْتِ أَصَابِعِهِ فَتَوَضَّأَ النَّاسُ حَتَّى تَوَضَّئُوا مِنْ عِنْدِ آخِرِهِمْ
हमसे [अब्दुल्लाह बिन मसलमा] [मलिक] से [इशाक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू तल्हा] से [अनस बिन मलिक रदलियाल्लाहु अन्हू] से कहिन है कि उ कहिन; 'मैंने एक बार रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा जब लगभग असर नमाज का समय हो गया था। मनई वजू कै पानी ढूढ़िन लकिन नाय मिला। तुरंत रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का वजू के लिए पानी का एक बर्तन दिया गया, फिर रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने बर्तन पर अपने हाथ रखे, फिर उ लोग लोगन का उ पानी से वजू करै का आदेश दिहिन। तौ हम देखेन कि ओकरे उंगली के बीच से पानी बहत रहा, अऊर लोग वजू करत रहे, जब तक कि ओनके बीच के आखिरी मनई न होइ गवा।