Matahari berhenti di bawah Arsy, lalu sujud
Imam Tirmidzi : 2112حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي ذَرٍّ قَالَدَخَلْتُ الْمَسْجِدَ حِينَ غَابَتْ الشَّمْسُ وَالنَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَالِسٌ فَقَالَ يَا أَبَا ذَرٍّ أَتَدْرِي أَيْنَ تَذْهَبُ هَذِهِ قَالَ قُلْتُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ فَإِنَّهَا تَذْهَبُ تَسْتَأْذِنُ فِي السُّجُودِ فَيُؤْذَنُ لَهَا وَكَأَنَّهَا قَدْ قِيلَ لَهَا اطْلُعِي مِنْ حَيْثُ جِئْتِ فَتَطْلُعُ مِنْ مَغْرِبِهَا قَالَ ثُمَّ قَرَأَ وَذَلِكَ مُسْتَقَرٌّ لَهَا قَالَ وَذَلِكَ قِرَاءَةُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍقَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ صَفْوَانَ بْنِ عَسَّالٍ وَحُذَيْفَةَ بْنِ أَسِيدٍ وَأَنَسٍ وَأَبِي مُوسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमनी के बतवले बाड़े [हन्नाद] हमनी के बतवले बाड़े [अबू मुअवियाह] से [अल अ'मासी] से [इब्राहिम अत तैमी] से [उनकर पिता] से [अबू द्जारर] से कहले बाड़े कि: हम सूर्यास्त के समय मस्जिद में घुस गईनी, जबकि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम बईठल रहले, उ पूछले: 'हे अबू ज़ार, का रउआ मालूम बा कि सूरज कहां गईल?' अबू जारर कहले: हम जवाब देनी कि अल्लाह अवुरी उनुकर रसूलुल्लाह एकरा से जादे जानत बाड़े। रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसलाम कहले कि: ' उ सजदा करे के अनुमति मांगे गईले अवुरी ओकरा बाद उनुका के अनुमति दिहल गईल, लागता कि उनुका के कहल गईल रहे कि, जहां आईल बानी, उ जगह से उठ। तब ऊ अपना सेटिंग से उठलन, ओकरा बाद पढ़लन कि ‘आ उहे उनकर फरमान के जगह ह’। अबू जरर कहले कि अब्दुल्ला बिन मसूद उहे पढ़ले बाड़े। अबू ईसा कहले कि: ए मामला में शफवान बिन अस्सल, हुदजाइफा बिन उसैद, अनस, अबू मूसा से भी अयीसने हदीस बा अवुरी इ हदीस हसन सहीह ह।