Tata cara shalat kusuf (gerhana matahari) shalat gerhana dan penjelasan tentang gerhana
Imam Bukhari : 990
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ يُونُسَ عَنْ الْحَسَنِ عَنْ أَبِي بَكْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الشَّمْسَ وَالْقَمَرَ آيَتَانِ مِنْ آيَاتِ اللَّهِ لَا يَنْكَسِفَانِ لِمَوْتِ أَحَدٍ وَلَا لِحَيَاتِهِ وَلَكِنَّ اللَّهَ تَعَالَى يُخَوِّفُ بِهَا عِبَادَهُوَ قَالَ أَبُو عَبْد اللَّهِ وَلَمْ يَذْكُرْ عَبْدُ الْوَارِثِ وَشُعْبَةُ وَخَالِدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ وَحَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ يُونُسَ يُخَوِّفُ اللَّهُ بِهَا عِبَادَهُ وَتَابَعَهُ أَشْعَثُ عَنْ الْحَسَنِ وَتَابَعَهُ مُوسَى عَنْ مُبَارَكٍ عَنْ الْحَسَنِ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو بَكْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ اللَّهَ تَعَالَى يُخَوِّفُ بِهِمَا عِبَادَهُ
हमसे [कुतैबा बिन सईद] बतावा गा है, हमसे [हम्मद बिन जैद] [यूनुस] से [अल हसन] से [अबू बकरा] से कहा गा है, 'अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कहिन: 'वास्तव मा सूरज अऊर चाँद अल्लाह के दुई महानता के निशान हैं, अऊर ओनके दुसरे के अनुभव नाहीं होई। केहू के मउत या जीवन के कारण ग्रहण। हालांकि, ई घटना के साथ, अल्लाह ताआला अपने सेवकन का डरावै चाहत रहे - अपनी सजा से -'। अबू अब्दुल्ला ने कहा, '[अब्दुल वारित्स] अऊर [स्युबाह] अऊर [खालिद बिन अब्दुल्ला] अऊर [यूनुस] से [हम्मद बिन सलामा] ने लफादज़ का जिक्र नाहीं किहिन, 'लेकिन ई घटना के साथ अल्लाह ताआला अपने सेवकन का डरवावै चाहत रहें - अपनी सजा से-'। ई कथन [अल हसन] से ['अश'थ] द्वारा पुष्टि कीन जात है, अऊर [मूसा] द्वारा [अल हसन] से [मुबारक] द्वारा भी पुष्टि कीन जात है, उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से मोका [अबू बकराह] से रिपोर्ट किहिन रहैं, उ कहिन: 'वास्तव मा, अल्लाह तआला ई घटना से अल्लाह अपने सेवकन का -अपनी सजा से-' डरावै चाहत है।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 2576, 3202, 5617, 5724, 6195, 13897, 16481, 17441, 17472, 17508, 19496, 19696, 22522, 23333, 23432, 24148, 24184, 25752
Imam Bukhari : 982, 983, 984, 985, 986, 988, 989, 990, 993, 997, 998, 1000, 1002, 2962, 2963, 2964, 2965, 4798, 5339
Imam Muslim : 1499, 1500, 1504, 1508, 1512, 1516, 1517, 1521, 1522
Imam Abu Dawud : 995, 996, 1006
Imam Nasa'i : 1442, 1444, 1445, 1446, 1453, 1455, 1457, 1461, 1465, 1466, 1468, 1469, 1470, 1473, 1474, 1476, 1480, 1483, 1485
Imam Ibnu Majah : 1251, 1252, 1253
Imam Malik : 398, 399
Imam Darimi : 1484, 1487