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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Tata cara shalat kusuf (gerhana matahari) shalat gerhana dan penjelasan tentang gerhana

Imam Ahmad : 6195

حَدَّثَنَا ابْنُ فُضَيْلٍ حَدَّثَنَا عَطَاءُ بْنُ السَّائِبِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو قَالَ كَسَفَتْ الشَّمْسُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَامَ وَقُمْنَا مَعَهُ فَأَطَالَ الْقِيَامَ حَتَّى ظَنَنَّا أَنَّهُ لَيْسَ بِرَاكِعٍ ثُمَّ رَكَعَ فَلَمْ يَكَدْ يَرْفَعُ رَأْسَهُ ثُمَّ رَفَعَ فَلَمْ يَكَدْ يَسْجُدُ ثُمَّ سَجَدَ فَلَمْ يَكَدْ يَرْفَعُ رَأْسَهُ ثُمَّ جَلَسَ فَلَمْ يَكَدْ يَسْجُدُ ثُمَّ سَجَدَ فَلَمْ يَكَدْ يَرْفَعُ رَأْسَهُ ثُمَّ فَعَلَ فِي الرَّكْعَةِ الثَّانِيَةِ كَمَا فَعَلَ فِي الْأُولَى وَجَعَلَ يَنْفُخُ فِي الْأَرْضِ وَيَبْكِي وَهُوَ سَاجِدٌ فِي الرَّكْعَةِ الثَّانِيَةِ وَجَعَلَ يَقُولُ رَبِّ لِمَ تُعَذِّبُهُمْ وَأَنَا فِيهِمْ رَبِّ لِمَ تُعَذِّبُنَا وَنَحْنُ نَسْتَغْفِرُكَ فَرَفَعَ رَأْسَهُ وَقَدْ تَجَلَّتْ الشَّمْسُ وَقَضَى صَلَاتَهُ فَحَمِدَ اللَّهَ وَأَثْنَى عَلَيْهِ ثُمَّ قَالَ أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّ الشَّمْسَ وَالْقَمَرَ آيَتَانِ مِنْ آيَاتِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ فَإِذَا كَسَفَ أَحَدُهُمَا فَافْزَعُوا إِلَى الْمَسَاجِدِ فَوَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَقَدْ عُرِضَتْ عَلَيَّ الْجَنَّةُ حَتَّى لَوْ أَشَاءُ لَتَعَاطَيْتُ بَعْضَ أَغْصَانِهَا وَعُرِضَتْ عَلَيَّ النَّارُ حَتَّى إِنِّي لَأُطْفِئُهَا خَشْيَةَ أَنْ تَغْشَاكُمْ وَرَأَيْتُ فِيهَا امْرَأَةً مِنْ حِمْيَرَ سَوْدَاءَ طُوَالَةً تُعَذَّبُ بِهِرَّةٍ لَهَا تَرْبِطُهَا فَلَمْ تُطْعِمْهَا وَلَمْ تَسْقِهَا وَلَا تَدَعُهَا تَأْكُلُ مِنْ خَشَاشِ الْأَرْضِ كُلَّمَا أَقْبَلَتْ نَهَشَتْهَا وَكُلَّمَا أَدْبَرَتْ نَهَشَتْهَا وَرَأَيْتُ فِيهَا أَخَا بَنِي دَعْدَعٍ وَرَأَيْتُ صَاحِبَ الْمِحْجَنِ مُتَّكِئًا فِي النَّارِ عَلَى مِحْجَنِهِ كَانَ يَسْرِقُ الْحَاجَّ بِمِحْجَنِهِ فَإِذَا عَلِمُوا بِهِ قَالَ لَسْتُ أَنَا أَسْرِقُكُمْ إِنَّمَا تَعَلَّقَ بِمِحْجَنِي

हमका बतावा गा है [इब्नू फुदलोइल] हमका [अथा` बिन साईब] [अपने पिता] से, [अब्दुल्लाह बिन अमर] से बताइन हैं, उ कहिन: रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के समय एक सूर्य ग्रहण रहा। फिर उ खड़ा होइगा -प्रार्थना- हमरे साथ -ग्रहण प्रार्थना करै-। एतना देर तक खड़ा रहा कि हम सोचा कि न झुकिहैं। फिर प्रणाम किहिन, फिर कहिन ज्वारीय, फिर सजदा किहिन, फिर बैठिन, फिर से सजदा किहिन, अउर दूसर रकात मा वही काम किहिन। फिर दूसर रकात मा उ जमीन पर फूंक दिहिस अऊर अबहियों सजदा करत रोवत रहा, फिर उ कहिस: 'हे रब्ब, जब हम ओनके बीच मा रहेन त तुम ओनका काहे दंडित किहेव, हे रब्ब, जब हम तोहसे माफी माँगत रहेन त तुम हमका काहे दंडित किहेव'। फिर उ आपन माथा उठाइन अऊर पता चला कि सूरज फिर से प्रकट होइगा है, फिर उ आपन नमाज खतम किहिन, फिर अल्लाह के महानता के तारीफ किहिन अऊर ओनके महिमा किहिन फिर कहिन: 'हे सब लोग, सूरज अऊर चाँद अल्लाह के शक्ति के दुई निशानी अज्जा वा जल्ला हैं, एहसे अगर ओनमा से एक मा ग्रहण लागत है तौ आपका तुरंत मस्जिद मा नमाज - ग्रहण- ग्रहण करै जाय का चाही। जेकरे हाथ मा मोर आत्मा है, वहिके द्वारा स्वर्ग मोका देखावा गा है कि अगर मैं चाहत रहौं तौ मैं ओकर कुछ शाखा जरूर लेब। अऊर मोका नरक के आग भी देखावा गा रहा कि मैं सचमुच ओका बुझावै चाहत रहौं काहे से कि ई तोहका जला देई, अऊर वहिमा मैं हिम्यार जनजाति के एक लंबी, काली औरत का देखिन जेका एक बिल्ली के कारण दंडित कीन जात रहा। खाय-पीय का न दइके या धरती के कीड़ा-मकोड़ा का खोजै दइके ओका बाँध लिहिस रहै। हर बार जब ऊ ओकरे पास जात रहा तौ ऊ ओका काटत रहा अऊर हर बार जब ऊ ओका छोड़त रहा तौ ऊ ओका भी काटत रहा। इसमें हमने बनू दा'दा' के भाई और मिहजन के मालिक को भी देखा - अर्थात् ; एक घुमावदार नोक वाली छड़ी- नरक के आग मा अपने डंडे पर झुका अहै। पहिले, उ हमेशा हज यात्रा करै वाले लोगन के चीजन का चोरी करत रहा, अऊर अगर लोग ओका चोरी करत पकड़त रहें तौ उ कहत रहें: "मैं तोहार चीजन का चोरी करै वाला नाहीं रहेंव, लेकिन उ मोर लाठी से फंस गवा।"

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 2576, 3202, 6195, 14487, 25752
Imam Bukhari : 4798
Imam Muslim : 1508, 1512
Imam Nasa'i : 1455, 1465, 1476
Imam Malik : 399