Hadith Representative
Rasulullah menolak Utsman bin Mazh'un untuk membujang (tabattul)
Imam Tirmidzi : 1003حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلَّالُ وَغَيْرُ وَاحِدٍ قَالُوا أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيِّبِ عَنْ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ قَالَرَدَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى عُثْمَانَ بْنِ مَظْعُونٍ التَّبَتُّلَ وَلَوْ أَذِنَ لَهُ لَاخْتَصَيْنَاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हम [अल हसन बिन अली अल खल्लाल] अऊर दूसरन का बतावा गा है, उइ कहिन; हमका [अब्दुर्राज्जाक] सूचित किहिन हैं, हमका [ममर] से [अज जुहरी] से [सैद बिन मुसैयब] से [सैद बिन अबू वकाश] से सूचित किहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उथमान बिन मझौन का ब्रह्मचर्य करै से मना किहिन। अगर उ इजाजत देत, त हम खुद का नरसंहार करित। अबू ईसा कहिन; 'ई एक प्रामाणिक हसन हदीस है'।