Hadith Representative
Nabi SAW membawa hewan qurban dari Madinah tanpa menjauhi larangan ihram
Imam Bukhari : 1583حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ حَدَّثَنَا ابْنُ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ وَعَنْ عَمْرَةَ بِنْتِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُهْدِي مِنْ الْمَدِينَةِ فَأَفْتِلُ قَلَائِدَ هَدْيِهِ ثُمَّ لَا يَجْتَنِبُ شَيْئًا مِمَّا يَجْتَنِبُهُ الْمُحْرِمُ
हमसे कहिन है [अब्दुल्लाह बिन यूसुफ] हमसे कहिन हैं [अल लैट्स] हमसे [इब्न शिहाब] [उर्वाह] से अऊर [अमराह बिन्त अब्दुर्रहमान] से कहिन हैं कि [ऐस्या रदलियाहु अन्हा] कहिन; 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना से आपन बलि के जानवर लइ आए अऊर फिर हम उनके बलि के जानवर से हार बांध दिहिन ताकि उ कउनौ अइसन चीज से दूर न रहे जेसे इहराम मा रहय वाले मनई का परहेज करै का चाही।'