Nabi SAW membawa hewan qurban dari Madinah tanpa menjauhi larangan ihram
Imam Ahmad : 22955
حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنِ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ كُنْتُ أَفْتِلُ قَلَائِدَ هَدْيِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِيَدَيَّ ثُمَّ لَا يَجْتَنِبُ شَيْئًا مِمَّا يَجْتَنِبُ الْمُحْرِمُ
हमका [सुफयान] से [अज़ जुहरी] से ['उर्वाह] से ['ऐस्या] से बतावा गा है: हम एक बार अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बलि के जानवरन के गर्दन के रस्सियन का अपने हाथन से घुमाये रहेन अऊर फिर उ कुछ अइसन चीज से दूर नाहीं रहे जइसे कि एक मनई जे इहराम मा है, टालत है।