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Doa dalam tahiyyat - 7: ALLAHUMMA INNI A'UDZU BIKA MINAL KASALI, WA MINAL HARAMI, WA MINAL MA'TSAMI WAL MAGHRAMI ...
Imam Nasa'i : 1292أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ شُعَيْبٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ أَنَّ عَائِشَةَ أَخْبَرَتْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَدْعُو فِي الصَّلَاةِ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ الْمَأْثَمِ وَالْمَغْرَمِ فَقَالَ لَهُ قَائِلٌ مَا أَكْثَرَ مَا تَسْتَعِيذُ مِنْ الْمَغْرَمِ فَقَالَ إِنَّ الرَّجُلَ إِذَا غَرِمَ حَدَّثَ فَكَذَبَ وَوَعَدَ فَأَخْلَفَ
हमका ['अम्र बिन उथमान] रिपोर्ट कइके उ कहिन; [मेरे पिता] ने हमसे कहा है, [स्यु'एब] से [अज जुहरी] से उ कहिन; मोका सूचित किहिन है ['उर्वाह बिन अज़ जुबैर], ['ऐसियाह] ने ओनका सूचित किहिन कि रसूलुल्लाह शलल्लाह अलैहि वसल्लम ने अपनी प्रार्थना मा प्रार्थना किहिन: 'हे अल्लाह, मैं कब्र के सजा अऊर दज्जल के बदनामी अऊर जीवन अऊर मृत्यु के बदनामी से तोहरे पास शरण लेत हई। हे अल्लाह, मैं तोहरे पास पाप अऊर कर्ज से शरण लेत हउँ'। तब केहू उनसे पूछिस; 'तुम कर्ज से कितनी बार शरण लिहे हौ!' फिर उ सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम कहिन: 'अगर केहू कर्ज मा है, तौ ऊ बात करत है अऊर झूठ बोलत है, वादा भी करत है अऊर फिर तोड़त है'।