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Shalat Fajar wanita mu'minat tertutup kerudung, kembali ke rumah
Imam Tirmidzi : 141حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ عَنْ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ قَالَ و حَدَّثَنَا الْأَنْصَارِيُّ حَدَّثَنَا مَعْنٌ حَدَّثَنَا مَالِكٌ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ عَنْ عَمْرَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْإِنْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيُصَلِّي الصُّبْحَ فَيَنْصَرِفُ النِّسَاءُ قَالَ الْأَنْصَارِيُّ فَيَمُرُّ النِّسَاءُ مُتَلَفِّفَاتٍ بِمُرُوطِهِنَّ مَا يُعْرَفْنَ مِنْ الْغَلَسِو قَالَ قُتَيْبَةُ مُتَلَفِّعَاتٍ قَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ ابْنِ عُمَرَ وَأَنَسٍ وَقَيْلَةَ بِنْتِ مَخْرَمَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَائِشَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَاهُ الزُّهْرِيُّ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ نَحْوَهُ وَهُوَ الَّذِي اخْتَارَهُ غَيْرُ وَاحِدٍ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْهُمْ أَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَمَنْ بَعْدَهُمْ مِنْ التَّابِعِينَ وَبِهِ يَقُولُ الشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ يَسْتَحِبُّونَ التَّغْلِيسَ بِصَلَاةِ الْفَجْرِ
हमका [कुतैबा] से [मलिक बिन अनस] कहिन; अऊर हमसे कहिन है [अल अंसारी] कहिन; हमसे कहिस है [मा'न] कहिन; हमका [मलिक] से [यह्या बिन सैद] से [अमराह] से ['ऐस्याह] से कहिन है; 'रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सुबह की नमाज पढ़ी, फिर महिलाएं चली गईं - घर चली गईं -'। अल अंसारी कहिन; 'महिला सीमलेस कपड़ा से ढँकी होइके गुजरिन जेहिसे ओनका पहिचाना नाहीं जा सकत रहा।' अऊर कुतैबा मुतलाफिफत - कपड़ा से ढँका -' शब्द से एकर जिक्र करत हैं। उ कहिन; 'इ अध्याय मा इब्न उमर, अनस अऊर कैलाह बिन्त मखरमह से भी एक इतिहास है'। अबू ईसा कहिन; ऐसिया का हदीस हसन प्रामाणिक है। [अज जुहरी] ने [उर्वाह] से ['ऐस्या] से भी वइसने ही सुनावा है। ई राय पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथियन जइसे अबू बकर, उमर अऊर ओनके बाद के लोग तबीइन मा से कईयो विद्वानन द्वारा लीन गा रहा। ई राय स्याफी, अहमद अऊर इशाक के भी अहै। जब अंधेरा होत है तौ उ लोग सुबह के नमाज पढ़ै का पसंद करत हैं'।