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Musa menampar muka malaikat maut dan mencongkel matanya, sehinggga malaikat tersebut kembali menghadap Allah 'azza wajalla
Imam Bukhari : 3155حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ ابْنِ طَاوُسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَأُرْسِلَ مَلَكُ الْمَوْتِ إِلَى مُوسَى عَلَيْهِمَا السَّلَام فَلَمَّا جَاءَهُ صَكَّهُ فَرَجَعَ إِلَى رَبِّهِ فَقَالَ أَرْسَلْتَنِي إِلَى عَبْدٍ لَا يُرِيدُ الْمَوْتَ قَالَ ارْجِعْ إِلَيْهِ فَقُلْ لَهُ يَضَعُ يَدَهُ عَلَى مَتْنِ ثَوْرٍ فَلَهُ بِمَا غَطَّتْ يَدُهُ بِكُلِّ شَعَرَةٍ سَنَةٌ قَالَ أَيْ رَبِّ ثُمَّ مَاذَا قَالَ ثُمَّ الْمَوْتُ قَالَ فَالْآنَ قَالَ فَسَأَلَ اللَّهَ أَنْ يُدْنِيَهُ مِنْ الْأَرْضِ الْمُقَدَّسَةِ رَمْيَةً بِحَجَرٍ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَوْ كُنْتُ ثَمَّ لَأَرَيْتُكُمْ قَبْرَهُ إِلَى جَانِبِ الطَّرِيقِ تَحْتَ الْكَثِيبِ الْأَحْمَرِقَالَ وَأَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ هَمَّامٍ حَدَّثَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ
हमरा सब के कहलक अछि [याह्या बिन मूसा] हमरा सब के कहलक अछि ['अब्दुर रज्जाक] हमरा सब के [मा'मर] के [इब्न थावस] स [अपन पिता] स [अबू हुरैरा रदलिअल्लाहु अनहू] स कहलक अछि: 'एक दिन मौत के दूत मूसा अलैहिस्सलम के पास भेजल गेल छल। जखन हुनका सँ भेंट भेलनि त -नबी मुआ 'अलैहिस्सलम- हुनका आँखि मे मारि देलनि | तेँ मृत्युक दूत अपन प्रभु लग घुरि गेलाह आ कहलनि : 'अहाँ हमरा ओहि सेवक लग पठौलहुँ जे मरय नहि चाहैत अछि' | तेँ अल्लाह कहलथिन्ह : घुरि जाउ आ हुनका कहि दियौन जे बैल के पीठ पर हाथ राखि दियौक । हाथ सॅं झाँपल एक-एकटा बैल के केश हुनका लेल एक सालक जीवनक अर्थ होइत छनि' । पैगम्बर मूसा अलैहिस्सलम पुछलखिन: हे रब्ब, तकर बाद की? अल्लाह कहैत छथि :: 'मृत्यु'। अतः पैगम्बर मूसा अलैहिस्सलम कहलनि : 'अब समय अछि' | तखन पैगम्बर मूसा 'अलैहिस्सलम अल्लाह सँ कहलखिन्ह जे हुनका पवित्र भूमि - अल मुकद्दास - के नजदीक पाथर फेंकबाक दूरी पर आनि देल जाय' | अबू हुरैरा अल्लाह हुनका सँ प्रसन्न होथि कहलनि; तखन रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'जँ हम ओतय रहितहुँ त' अहाँ केँ ओहि कब्रक ठिकाना अवश्य देखा दैतहुँ जे सड़कक कात मे लाल बालु केर ढेर नीचाँ अछि'। ओ -'अब्दुर रज्जाक- कहलनि; 'आ हमरा सभ केँ [मा'मार] [हम्मम] सँ रिपोर्ट कयल गेल अछि जे हमरा सभ केँ [अबू हुरैरा रदलियाहु अन्हू] नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सँ ई हदीस जकाँ सेहो कहने छथि।