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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1252

حَدَّثَنَا عَيَّاشٌ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْأَعْلَى حَدَّثَنَا سَعِيدٌ قَالَ وَقَالَ لِي خَلِيفَةُ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْعَبْدُ إِذَا وُضِعَ فِي قَبْرِهِ وَتُوُلِّيَ وَذَهَبَ أَصْحَابُهُ حَتَّى إِنَّهُ لَيَسْمَعُ قَرْعَ نِعَالِهِمْ أَتَاهُ مَلَكَانِ فَأَقْعَدَاهُ فَيَقُولَانِ لَهُ مَا كُنْتَ تَقُولُ فِي هَذَا الرَّجُلِ مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَيَقُولُ أَشْهَدُ أَنَّهُ عَبْدُ اللَّهِ وَرَسُولُهُ فَيُقَالُ انْظُرْ إِلَى مَقْعَدِكَ مِنْ النَّارِ أَبْدَلَكَ اللَّهُ بِهِ مَقْعَدًا مِنْ الْجَنَّةِ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَيَرَاهُمَا جَمِيعًا وَأَمَّا الْكَافِرُ أَوْ الْمُنَافِقُ فَيَقُولُ لَا أَدْرِي كُنْتُ أَقُولُ مَا يَقُولُ النَّاسُ فَيُقَالُ لَا دَرَيْتَ وَلَا تَلَيْتَ ثُمَّ يُضْرَبُ بِمِطْرَقَةٍ مِنْ حَدِيدٍ ضَرْبَةً بَيْنَ أُذُنَيْهِ فَيَصِيحُ صَيْحَةً يَسْمَعُهَا مَنْ يَلِيهِ إِلَّا الثَّقَلَيْنِ

हमें बताया है [अय्यासी] ने हमें बताया है [अब्दुल अ'ला] ने हमें बताया है [सईद] ने कहा; और कहा है, मुझे [खलीफ़ा] ने हमें बताया है [यज़ीद बिन ज़ुराई] ने हमें बताया है [सईद] ने [क़तादा] से [अनस रदियल्लाहु अन्हु] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "अगर किसी लाश को उसकी कब्र में रखा गया हो और उसके साथी मुड़े हों और उससे दूर चले गए हों, तो वह उनके जूतों की आवाज़ सुनता है, तो दो फ़रिश्ते उसके पास आएंगे, दोनों उस पर बैठेंगे और दोनों उससे कहेंगे: "तुम इस आदमी के बारे में क्या कह रहे हो, मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम?"। तो लाश ने जवाब दिया: "मैं गवाही देता हूँ कि वह अल्लाह का बंदा और उसका रसूल है"। तो उससे कहा गया: "जहन्नम में अपनी सीट देखो जिसे अल्लाह ने जन्नत में सीट से बदल दिया है।" ज़्यादातर लोग जो कहते हैं, उसे मानो।" तो उससे कहा गया: "तुम नहीं जानते और न ही समझने वालों के पीछे चलते हो।" तो फिर उसके कानों के बीच लोहे का एक बड़ा हथौड़ा मारा गया, जिससे वह चीखने लगा जिसे उसके आस-पास के लोग सुन सकते थे, सिवाय दो जीवों (जिन्न और इंसानों) के।"

समर्थक हदीस :


इमाम अहमद : 12964
इमाम बुखारी : 1252, 1285
इमाम मुस्लिम : 5115
इमाम अबू दाऊद : 4127
इमाम नसाई : 2023, 2024