Hadith Representative
Terbitnya matahari dari arah barat
Imam Abu Dawud : 3756حَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ هِشَامٍ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ عَنْ أَبِي حَيَّانَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَبِي زُرْعَةَ قَالَجَاءَ نَفَرٌ إِلَى مَرْوَانَ بِالْمَدِينَةِ فَسَمِعُوهُ يُحَدِّثُ فِي الْآيَاتِ أَنَّ أَوَّلَهَا الدَّجَّالُ قَالَ فَانْصَرَفْتُ إِلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو فَحَدَّثْتُهُ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ لَمْ يَقُلْ شَيْئًا سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ أَوَّلَ الْآيَاتِ خُرُوجًا طُلُوعُ الشَّمْسِ مِنْ مَغْرِبِهَا أَوْ الدَّابَّةُ عَلَى النَّاسِ ضُحًى فَأَيَّتُهُمَا كَانَتْ قَبْلَ صَاحِبَتِهَا فَالْأُخْرَى عَلَى أَثَرِهَا قَالَ عَبْدُ اللَّهِ وَكَانَ يَقْرَأُ الْكُتُبَ وَأَظُنُّ أَوَّلَهُمَا خُرُوجًا طُلُوعُ الشَّمْسِ مِنْ مَغْرِبِهَا
हमका बतावा गा है [मुआम्मल बिन हिशम] कहिन, हमका [इस्माइल] से [अबू हयान अत तैमी] [अबू ज़ुरअह] से बतावा गा है, उ कहिन, 'कुछ लोग मदीना मा मरवान का देखै आए रहे, उइ मरवान का क्यार के आवै के संकेतन के बारे मा बतावत सुने रहे। कि जौन प्रगट प्रकट होई ऊ दज्जल होई'। अबू ज़ुरअह ने कहा, 'मैं तब अब्दुल्ला बिन अमरू से मिला अऊर मैंने ओनका ई बारे मा बतावा। [अब्दुल्ला] तब कहिन, 'मरवान के बातन का ध्यान मा नाहीं रखा जात है, हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहत सुने रहेन: 'कियामत के दिन के पहिला संकेत जवन दिखाई देई उ पश्चिम से सूरज के उगब है, या दुहा समय मनुष्यन के ओर सरीसृप के उद्भव है। दुइनौ मा से जवन पहिले दिखाई देई, दूसर जल्द ही आगे आ जाई'। अब्दुल्ला ने कहा -एक किताब पढ़त समय-, 'हमका लागत है कि सबसे पहिले जवन चीज दिखाई देई उ सूरज के डूबत दिशा से उग रहा है'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 6586, 6864, 7791, 7952, 8092, 8244, 8494, 8495, 8807, 8910, 9376, 10229, 10439, 11500, 15555, 15557, 15558, 17399, 19450
Imam Bukhari : 4269, 4270, 6025
Imam Muslim : 226, 227, 5162, 5163, 5234
Imam Abu Dawud : 3756, 3757, 3758
Imam Tirmidzi : 2109, 2998
Imam Ibnu Majah : 4031, 4045, 4046, 4058, 4059, 4060