Hadith Representative
Kematian dalam jihad atau hari Jumat diberi keutamaan
Imam Tirmidzi : 1586حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ حَدَّثَنَا نُعَيْمُ بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ عَنْ بَحِيرِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ عَنْ الْمِقْدَامِ بْنِ مَعْدِي كَرِبَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِلشَّهِيدِ عِنْدَ اللَّهِ سِتُّ خِصَالٍ يُغْفَرُ لَهُ فِي أَوَّلِ دَفْعَةٍ وَيَرَى مَقْعَدَهُ مِنْ الْجَنَّةِ وَيُجَارُ مِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ وَيَأْمَنُ مِنْ الْفَزَعِ الْأَكْبَرِ وَيُوضَعُ عَلَى رَأْسِهِ تَاجُ الْوَقَارِ الْيَاقُوتَةُ مِنْهَا خَيْرٌ مِنْ الدُّنْيَا وَمَا فِيهَا وَيُزَوَّجُ اثْنَتَيْنِ وَسَبْعِينَ زَوْجَةً مِنْ الْحُورِ الْعِينِ وَيُشَفَّعُ فِي سَبْعِينَ مِنْ أَقَارِبِهِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ
हमका बतावा गा है [अब्दुल्लाह बिन अब्दुर्रहमान] कहिन, हमसे बतावा गा है [नुआइम बिन हम्माद] कहिन, हमसे [बकिया इब्नुल वालिद] बतावा गा है [बहिर बिन साद] से [खालिद बिन मदन] से [अल मिकदाम बिन मदी करिब] से उ कहिन, सुल्लाहुलाहुलाहुलाहुलालुलाहुलाहुलाहुलाहुलाहुलाहुलाहुलाहुलाहुलालुअलाहुलालुअलाहुलाहुलालुअलाहुलाहुलाहुलाहुलाहुलाहुलाह । 'अल्लाह के नजर मा शहीद होय वाला मनई के छह प्राथमिकता होत है; ओकर पाप माफ होइ जइहैं काहे से कि युद्ध के शुरुआत मा ओकर खून बहावा गा रहा, स्वर्ग मा ओकर आसन देखावा गा रहा, कब्र के यातना से बचावा गा रहा, जब उ कब्र से उठावा जात है तौ बहुत डर से सुरक्षा दीन जात है, महिमा का मुकुट दीन जात है जेकर एक गहना बाकी दुनिया से बेहतर है, बाहत्तर स्वर्गदूतन से शादी कीन जात है अऊर सत्तर लोगन का अपने परिवार से मध्यस्थता करै का अधिकार दीन जात है। अबू ईसा ने कहा ये हदीस हसन शाही गरीब के डिग्री में है ।