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- Jenazah, Nikmat dan Adzab Kubur Larangan terkait jenazah dan penguburan Dilarang meratap atau berteriak-teriak di dekat jenazah, karena termasuk perbuatan jahiliyah
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Dilarang meratap atau berteriak-teriak di dekat jenazah, karena termasuk perbuatan jahiliyah
Imam Bukhari : 1216

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ قَالَ سَمِعْتُ يَحْيَى قَالَ أَخْبَرَتْنِي عَمْرَةُ قَالَتْ سَمِعْتُ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْلَمَّا جَاءَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَتْلُ ابْنِ حَارِثَةَ وَجَعْفَرٍ وَابْنِ رَوَاحَةَ جَلَسَ يُعْرَفُ فِيهِ الْحُزْنُ وَأَنَا أَنْظُرُ مِنْ صَائِرِ الْبَابِ شَقِّ الْبَابِ فَأَتَاهُ رَجُلٌ فَقَالَ إِنَّ نِسَاءَ جَعْفَرٍ وَذَكَرَ بُكَاءَهُنَّ فَأَمَرَهُ أَنْ يَنْهَاهُنَّ فَذَهَبَ ثُمَّ أَتَاهُ الثَّانِيَةَ لَمْ يُطِعْنَهُ فَقَالَ انْهَهُنَّ فَأَتَاهُ الثَّالِثَةَ قَالَ وَاللَّهِ لَقَدْ غَلَبْنَنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ فَزَعَمَتْ أَنَّهُ قَالَ فَاحْثُ فِي أَفْوَاهِهِنَّ التُّرَابَ فَقُلْتُ أَرْغَمَ اللَّهُ أَنْفَكَ لَمْ تَفْعَلْ مَا أَمَرَكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَمْ تَتْرُكْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ الْعَنَاءِ

हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] हमसे कहिन है [अब्दुल वहाब] कहिन, हम [यह्या] का कहत सुने रहेन, हमका बताइन हैं [अमराह] कहिन; हम [ऐस्या रदलियाह अन्हा] का कहत सुने रहेन: 'जब इब्न हरितसाह, जाफर अऊर इब्न रावाहा के शव पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने पहुँचे, तौ उ उदास देखत बैठे रहे जब हम दरवाजा से देखत रहेन। तब एक मनई आय के कहिस, 'सचमुच जाफर के पत्नियन', तब ऊ आदमी ओनके पुकार के बारे मा बताइस। यहिसे उ मनई का ओनका मना करै का आदेश दिहिन। ऊ मनई चला गवा लेकिन फिर दूसरी बार आवा अऊर अपने आदेशन का पूरा करै मा सफल नाहीं रहा। तब उ कहिन: 'उनका मना करौ?'। आदमी तीसरी बार आया और बोला अल्लाह के कसम हमें हरा दिया हे रसूल अल्लाह! ऐसिया रदलियाहु अन्हा का संदेह है कि उ तब कहिन, 'नरक के मुँह मा धरती भरौ'। हम ऊ आदमी से कहेन: 'अल्लाह तोहार नाक बंद कर दे काहे से कि तू रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के आदेश का पूरा नाहीं किहेस, अऊर तू - रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का ओकरे थकावट अऊर व्यथित हालत से न छोड़े'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 5623, 7734, 9354, 10544, 25159
Imam Bukhari : 1216, 1222, 3930
Imam Muslim : 1485, 1551
Imam Nasa'i : 1578, 1836