प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 3642
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى أَخْبَرَنَا ثَابِتُ بْنُ عُمَارَةَ حَدَّثَنِي غُنَيْمُ بْنُ قَيْسٍ عَنْ أَبِي مُوسَىعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا اسْتَعْطَرَتْ الْمَرْأَةُ فَمَرَّتْ عَلَى الْقَوْمِ لِيَجِدُوا رِيحَهَا فَهِيَ كَذَا وَكَذَا قَالَ قَوْلًا شَدِيدًا
हमसे कहा है [मुसद्दद] ने कहा, हमसे कहा है [याह्या] ने कहा, हमसे कहा है [थाबित बिन उमराह] ने कहा, मुझसे [घुनैम बिन कैस] ने [अबू मूसा] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहा है, उन्होंने कहा: "यदि कोई महिला इत्र लगाती है, फिर जानबूझकर लोगों के पास से गुज़रती है ताकि वे इसे सूंघें, तो वह ऐसी और ऐसी है।" उन्होंने यह बात ऊँची आवाज़ में कही।