Hadith Representative
Larangan menamai khamr dengan nama lain untuk menghalalkannya
Imam Nasa'i : 5564أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الْأَعْلَى عَنْ خَالِدٍ وَهُوَ ابْنُ الْحَارِثِ عَنْ شُعْبَةَ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا بَكْرِ بْنَ حَفْصٍ يَقُولُ سَمِعْتُ ابْنَ مُحَيْرِيزٍ يُحَدِّثُ عَنْ رَجُلٍ مَنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يَشْرَبُ نَاسٌ مِنْ أُمَّتِي الْخَمْرَ يُسَمُّونَهَا بِغَيْرِ اسْمِهَا
हमका [मुहम्मद बिन अब्दुल अ'ला] [खालिद] से रिपोर्ट किहिन है - अर्थात् इब्नुल हरिथ - [स्यूबाह] से उ कहिन; हम [अबू बकर बिन हफश] का कहत सुने रहेन; हम [इब्नू मुहैरिज़] का पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के [एक पुरुष] दोस्त से, पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतावत सुने रहेन, उ कहिन: 'मेरे उम्मत से कुछ लोग होइहैं जे शराब पीत हैं, उ लोग ओका ओकरे नाम के अलावा कुछ अउर कहिहैं'।