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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Pakaian Isbal Bolehnya isbal satu jengkal sampai satu hasta bagi Wanita
हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Bolehnya isbal satu jengkal sampai satu hasta bagi Wanita
Imam Abu Dawud : 3590

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ نَافِعٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ صَفِيَّةَ بِنْتِ أَبِي عُبَيْدٍ أَنَّهَا أَخْبَرَتْهُأَنَّ أُمَّ سَلَمَةَ زَوْجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ ذَكَرَ الْإِزَارَ فَالْمَرْأَةُ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ تُرْخِي شِبْرًا قَالَتْ أُمُّ سَلَمَةَ إِذًا يَنْكَشِفُ عَنْهَا قَالَ فَذِرَاعًا لَا تَزِيدُ عَلَيْهِحَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى أَخْبَرَنَا عِيسَى عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ أَبُو دَاوُد رَوَاهُ ابْنُ إِسْحَقَ وَأَيُّوبُ بْنُ مُوسَى عَنْ نَافِعٍ عَنْ صَفِيَّةَ

[अब्दुल्लाह बिन मसलमाह] द्वारा [मलिक] से [अबू बकर बिन नाफी’] से [उनकर पिता] से बतावल गइल बा कि [शफियाह बिन अबू उबैद] उनुका से रिपोर्ट कइले बाड़न, कि [उम सलामा] नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहले रहली जब ऊ जिक्र कइले रहले सरोंग, 'हे रसुलुल्लाह, मेहरारू के का?' ऊ जवाब दिहले- 'एक इंच अउरी बना दीं'। उम्म सलामा फेरु कहली कि अगर अबहीं ले लउकत बा त का होई? उ जवाब देले कि, 'एक हाथ दे दीं, एकरा से जादे ना'। हमनी के बतवले बाड़े [इब्राहिम बिन मूसा] कहले बाड़े, हमनी के [ईसा] से [उबैदुल्लाह] से [नाफी] से [सुलेमान बिन यासर] से [उम्मू सलामाह] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से एह हदीस के संगे बतवले बाड़े। अबू दाऊद कहले कि, ' [इब्न इशाक] अवुरी [अय्यूब बिन मूसा] भी [नफी'] से [शफियाह] से रिवायत कईले बाड़े'।

हदीस :

Imam Ahmad : 9015, 23329, 23771
Imam Abu Dawud : 3590
Imam Nasa'i : 5242, 5243, 5244
Imam Ibnu Majah : 3570, 3573
Imam Malik : 1427