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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Nabi Muhammad Sallallahu Alaihi Wasallam Isra’ Mi’raj Perjalanan Nabi Muhammad dari Masjidil Haram ke Masjidil Aqsha, naik ke langit, dan menerima perintah shalat lima waktu

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Perjalanan Nabi Muhammad dari Masjidil Haram ke Masjidil Aqsha, naik ke langit, dan menerima perintah shalat lima waktu
Imam Nasa'i : 446

أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ هِشَامٍ قَالَ حَدَّثَنَا مَخْلَدٌ عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي مَالِكٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أُتِيتُ بِدَابَّةٍ فَوْقَ الْحِمَارِ وَدُونَ الْبَغْلِ خَطْوُهَا عِنْدَ مُنْتَهَى طَرْفِهَا فَرَكِبْتُ وَمَعِي جِبْرِيلُ عَلَيْهِ السَّلَام فَسِرْتُ فَقَالَ انْزِلْ فَصَلِّ فَفَعَلْتُ فَقَالَ أَتَدْرِي أَيْنَ صَلَّيْتَ صَلَّيْتَ بِطَيْبَةَ وَإِلَيْهَا الْمُهَاجَرُ ثُمَّ قَالَ انْزِلْ فَصَلِّ فَصَلَّيْتُ فَقَالَ أَتَدْرِي أَيْنَ صَلَّيْتَ صَلَّيْتَ بِطُورِ سَيْنَاءَ حَيْثُ كَلَّمَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ مُوسَى عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ قَالَ انْزِلْ فَصَلِّ فَنَزَلْتُ فَصَلَّيْتُ فَقَالَ أَتَدْرِي أَيْنَ صَلَّيْتَ صَلَّيْتَ بِبَيْتِ لَحْمٍ حَيْثُ وُلِدَ عِيسَى عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ دَخَلْتُ بَيْتَ الْمَقْدِسِ فَجُمِعَ لِي الْأَنْبِيَاءُ عَلَيْهِمْ السَّلَام فَقَدَّمَنِي جِبْرِيلُ حَتَّى أَمَمْتُهُمْ ثُمَّ صُعِدَ بِي إِلَى السَّمَاءِ الدُّنْيَا فَإِذَا فِيهَا آدَمُ عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ صُعِدَ بِي إِلَى السَّمَاءِ الثَّانِيَةِ فَإِذَا فِيهَا ابْنَا الْخَالَةِ عِيسَى وَيَحْيَى عَلَيْهِمَا السَّلَام ثُمَّ صُعِدَ بِي إِلَى السَّمَاءِ الثَّالِثَةِ فَإِذَا فِيهَا يُوسُفُ عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ صُعِدَ بِي إِلَى السَّمَاءِ الرَّابِعَةِ فَإِذَا فِيهَا هَارُونُ عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ صُعِدَ بِي إِلَى السَّمَاءِ الْخَامِسَةِ فَإِذَا فِيهَا إِدْرِيسُ عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ صُعِدَ بِي إِلَى السَّمَاءِ السَّادِسَةِ فَإِذَا فِيهَا مُوسَى عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ صُعِدَ بِي إِلَى السَّمَاءِ السَّابِعَةِ فَإِذَا فِيهَا إِبْرَاهِيمُ عَلَيْهِ السَّلَام ثُمَّ صُعِدَ بِي فَوْقَ سَبْعِ سَمَوَاتٍ فَأَتَيْنَا سِدْرَةَ الْمُنْتَهَى فَغَشِيَتْنِي ضَبَابَةٌ فَخَرَرْتُ سَاجِدًا فَقِيلَ لِي إِنِّي يَوْمَ خَلَقْتُ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضَ فَرَضْتُ عَلَيْكَ وَعَلَى أُمَّتِكَ خَمْسِينَ صَلَاةً فَقُمْ بِهَا أَنْتَ وَأُمَّتُكَ فَرَجَعْتُ إِلَى إِبْرَاهِيمَ فَلَمْ يَسْأَلْنِي عَنْ شَيْءٍ ثُمَّ أَتَيْتُ عَلَى مُوسَى فَقَالَ كَمْ فَرَضَ اللَّهُ عَلَيْكَ وَعَلَى أُمَّتِكَ قُلْتُ خَمْسِينَ صَلَاةً قَالَ فَإِنَّكَ لَا تَسْتَطِيعُ أَنْ تَقُومَ بِهَا أَنْتَ وَلَا أُمَّتُكَ فَارْجِعْ إِلَى رَبِّكَ فَاسْأَلْهُ التَّخْفِيفَ فَرَجَعْتُ إِلَى رَبِّي فَخَفَّفَ عَنِّي عَشْرًا ثُمَّ أَتَيْتُ مُوسَى فَأَمَرَنِي بِالرُّجُوعِ فَرَجَعْتُ فَخَفَّفَ عَنِّي عَشْرًا ثُمَّ رُدَّتْ إِلَى خَمْسِ صَلَوَاتٍ قَالَ فَارْجِعْ إِلَى رَبِّكَ فَاسْأَلْهُ التَّخْفِيفَ فَإِنَّهُ فَرَضَ عَلَى بَنِي إِسْرَائِيلَ صَلَاتَيْنِ فَمَا قَامُوا بِهِمَا فَرَجَعْتُ إِلَى رَبِّي عَزَّ وَجَلَّ فَسَأَلْتُهُ التَّخْفِيفَ فَقَالَ إِنِّي يَوْمَ خَلَقْتُ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضَ فَرَضْتُ عَلَيْكَ وَعَلَى أُمَّتِكَ خَمْسِينَ صَلَاةً فَخَمْسٌ بِخَمْسِينَ فَقُمْ بِهَا أَنْتَ وَأُمَّتُكَ فَعَرَفْتُ أَنَّهَا مِنْ اللَّهِ تَبَارَكَ وَتَعَالَى صِرَّى فَرَجَعْتُ إِلَى مُوسَى عَلَيْهِ السَّلَام فَقَالَ ارْجِعْ فَعَرَفْتُ أَنَّهَا مِنْ اللَّهِ صِرَّى أَيْ حَتْمٌ فَلَمْ أَرْجِعْ

हमनी के [अमर बिन हिशाम] के जानकारी देले बाड़े उ कहले कि; [सईद बिन अब्दुल अजीज] से हमनी के [मखलाद] के बता के उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [यजीद बिन अबू मलिक] उ कहले बाड़े; हमनी के [अनस बिन मलिक] के बतावल गईल बा कि रसुलुल्लाह शलल्लाहु अलैहि व सल्लम कहले रहले कि, 'हमरा के एगो सवारी जानवर दिहल गईल जवन कि बगल से छोट रहे - जवन जानवर घोड़ा अवुरी गदहा के बीच संकरन के नतीजा रहे - अनुवादक - अवुरी गदहा से बड़ रहे, जवना के कदम ओतना तेज रहे, जेतना कि आंख देख सकत रहे।' हम आ गेब्रियल? laihis सलाम ओकरा पर चढ़ गइल, आ हम चल गइनी। तब गेब्रियल? laihis सलाम कहले कि; 'नीचे आके प्रार्थना करऽ! तब हम प्रार्थना कइनी। ऊ - गेब्रियल? laihis सलाम- पूछल जाला; का रउवां जानत बानी कि रउवां कहाँ प्रार्थना करेनी? रउरा थाईबाह में प्रार्थना करेनी, जहाँ लोग के प्रवास करे के चाहीं। तब गेब्रियल? laihis सलाम फेरु से कहलस; 'नीचे जाके प्रार्थना करीं!'. तब हम प्रार्थना कइनी। जिब्राईल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पूछले, "का रउवा जानत बानी कि रउवा कहां प्रार्थना कईले रहनी?" सचमुच रउआ तुरसीना में नमाज पढ़ले रहनी, जहवाँ अल्लाह मूसा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) से बात कईले रहले। तब जिब्राईल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कहले, "नीचे जाके प्रार्थना करीं!" त हम नीचे उतर के प्रार्थना कइनी। उ फेरु पूछले, "का रउवा जानत बानी कि रउवा कहां प्रार्थना कईले रहनी?" रउआ बैतुल लहम में प्रार्थना कइनी, जहाँ ईसा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के जनम भइल रहे। तब हम बैतुल मकदीस में घुस गईनी, आ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) हमरा खातिर जुट गईले। तब जिब्राईल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) हमरा के आदेश दिहलन कि हम ओह लोग के नेतृत्व करीं। तब हमरा के दुनिया के आकाश में चढ़े के नेवता मिलल आ उहाँ आदम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) रहले। तब हमरा के दूसरा स्वर्ग में चढ़े के नेवता मिलल, आ उहाँ ईसा आ याह्या (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) रहले। तब हमरा के तीसरा स्वर्ग में बोलावल गइल, आ उहाँ यूसुफ (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) रहले। तब हमरा के चउथा स्वर्ग में बोलावल गइल, आ उहाँ हारून (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) रहले। तब हमरा के पांचवा स्वर्ग में बोलावल गईल, त पता चलल कि इदरीस बाड़े? laihis नमस्कार बा। आगे हमरा के छठवाँ स्वर्ग में बोलावल गइल, आ पता चलल कि मूसा उहाँ रहले? laihis नमस्कार बा। तब हमरा के सातवाँ स्वर्ग में बोलावल गइल, आ पता चलल कि उहाँ इब्राहिम रहले? laihis नमस्कार बा। तब हम सात आकाश से ऊपर उठावल गइल जबले हम सिद्रतुल मुंताहा ना पहुँचनी, आ अचानक बादल हमरा के ढंक लिहलस आ हम सजदा क के गिर गइनी, तब हमरा से कहल गइल कि साँचहू, जवना दिन हम आकाश आ धरती के रचना कइले रहनी, हम ओह दिन रउरा आ रउरा लोग खातिर पचास बेर नमाज पढ़ल अनिवार्य कर दिहनी, त रउरा आ रउरा लोग के ओर से करीं, तब हम वापस इब्राहिम के लगे चल गइनी, बाकिर ऊ कइलन हमरा से कुछ ना पूछीं, तब हम मूसा के लगे गईनी, त उ हमरा से पूछले। 'अल्लाह आपके अवुरी आपके लोग के जवन फर्ज के संख्या देले बाड़े, ओकर संख्या कतना बा, हम जवाब देनी कि पचास बेर नमाज पढ़ाई।' मूसा कहले कि; रउआ आ रउआ लोग एकरा के पूरा ना कर पइब, अपना रब्ब के लगे लवट के उनुका से राहत मांगीं। हम अपना रब के लगे वापस आ गईनी, अवुरी उ एकरा के दस कम क देले, फेर हम मूसा के लगे गईनी, लेकिन उ हमरा के वापस जाए के कहले, त हम वापस चल गईनी अवुरी अल्लाह एकरा के फेर से दस कम क देले, अवुरी अयीसन बार-बार तब तक भईल जब तक कि उ पांच गुना ना हो गईल। लेकिन मूसा हमरा से कहत रहले कि नरमी मांगीं, ठीक ओसही जईसे अल्लाह इजराइल के संतान प दु बेर नमाज पढ़े के फर्ज बनवले रहले, लेकिन उ लोग एकरा के करे में असमर्थ रहले, एहसे हम एकरा के फेर से कम करे खाती अपना रब के लगे वापस आ गईनी, अवुरी अल्लाह जवाब देले: "साचहूँ जब हम आकाश अवुरी धरती के रचना कईले रहनी त हम आपके अवुरी आपके लोग प पचास बेर नमाज पढ़े के फर्ज कईले रहनी, एहसे इ पांच बेर पचास बेर नमाज पढ़े के बा ओह लोग के, रउरा आ रउरा लोग के." हमरा बुझाइल कि आज्ञा अल्लाह, परम कृपालु आ सर्वोच्च अल्लाह के ह। तब हम मूसा के लगे वापस आ गईनी, शांति होखे, आ उ कहले: "वापस जा।" लेकिन हम ना लवटनी काहे कि इ अल्लाह के निश्चित फरमान रहे।"

हदीस :

Imam Ahmad : 12047, 22243
Imam Bukhari : 2968, 3598, 6963
Imam Muslim : 234
Imam Nasa'i : 446