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Saksi Nabi Nuh atas risalahnya adalah Nabi Muhammad dan ummat nya dalam Al-Baqarah 143
Imam Tirmidzi : 2887حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ أَخْبَرَنَا جَعْفَرُ بْنُ عَوْنٍ أَخْبَرَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُدْعَى نُوحٌ فَيُقَالُ هَلْ بَلَّغْتَ فَيَقُولُ نَعَمْ فَيُدْعَى قَوْمُهُ فَيُقَالُ هَلْ بَلَّغَكُمْ فَيَقُولُونَ مَا أَتَانَا مِنْ نَذِيرٍ وَمَا أَتَانَا مِنْ أَحَدٍ فَيُقَالُ مَنْ شُهُودُكَ فَيَقُولُ مُحَمَّدٌ وَأُمَّتُهُ قَالَ فَيُؤْتَى بِكُمْ تَشْهَدُونَ أَنَّهُ قَدْ بَلَّغَ فَذَلِكَ قَوْلُ اللَّهِ تَعَالَى { وَكَذَلِكَ جَعَلْنَاكُمْ أُمَّةً وَسَطًا لِتَكُونُوا شُهَدَاءَ عَلَى النَّاسِ وَيَكُونَ الرَّسُولُ عَلَيْكُمْ شَهِيدًا } وَالْوَسَطُ الْعَدْلُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ عَوْنٍ عَنْ الْأَعْمَشِ نَحْوَهُ
हमसे कहिस है ['अब्द बिन हुमैद] हमसे कहिस है [जाफर बिन औन] हमसे [अल अमासी] से [अबू सलीह] से [अबू सैद] कहिस है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'नूह को बुलाया गया और फिर पूछा गया; 'तुम बताये रहेव का?' नूह जवाब दिहिस: 'हाँ'। तब ओकरे लोगन का बोलावा गा अऊर पूछा गा; 'का उ तुम लोगन से कहिस है?' उइ जवाब दिहिन; 'हमरे पास कौनो चेतावनी नाहीं आवा अऊर न ही हमरे पास कोई आवा'। नूह से पूछा गा रहा; 'तुम्हारे गवाह कौन हैं?' नूह जवाब दिहिस; 'मुहम्मद अऊर उनकर उम्मत'। उ आपन बात जारी रखिन: 'तब तुमका लावा गा रहा, तुम गवाही दिहिन कि नूह ने बतावा रहा, यही अल्लाह तआला के वचन का अर्थ है: 'अऊर यहि तरह - हमने तुमका - इस्लामी उम्मत -, एक न्यायपूर्ण अऊर चुना हुआ लोग बनावा है ताकि तुम मनुष्यन के - कर्मन के - गवाह होइहैं अऊर ताकि रसूल - मुहम्म - आपके बुद्धिमान होइहैं - कर्म'। क्यूएस अल-बकराह: 143, अऊर वसथ का मतलब निष्पक्ष है'। अबू ईसा कहिन; ई हदीस सही अहै। हमसे [मुहम्मद बिन बस्यार] ने हमसे [जफर बिन औन] [अल अमासी] से ऊपर के रूप मा बतावा है।