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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 322

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ قَالَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَتْخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي بَعْضِ أَسْفَارِهِ حَتَّى إِذَا كُنَّا بِالْبَيْدَاءِ أَوْ بِذَاتِ الْجَيْشِ انْقَطَعَ عِقْدٌ لِي فَأَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى الْتِمَاسِهِ وَأَقَامَ النَّاسُ مَعَهُ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ فَأَتَى النَّاسُ إِلَى أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ فَقَالُوا أَلَا تَرَى مَا صَنَعَتْ عَائِشَةُ أَقَامَتْ بِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالنَّاسِ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ فَجَاءَ أَبُو بَكْرٍ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَاضِعٌ رَأْسَهُ عَلَى فَخِذِي قَدْ نَامَ فَقَالَ حَبَسْتِ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالنَّاسَ وَلَيْسُوا عَلَى مَاءٍ وَلَيْسَ مَعَهُمْ مَاءٌ فَقَالَتْ عَائِشَةُ فَعَاتَبَنِي أَبُو بَكْرٍ وَقَالَ مَا شَاءَ اللَّهُ أَنْ يَقُولَ وَجَعَلَ يَطْعُنُنِي بِيَدِهِ فِي خَاصِرَتِي فَلَا يَمْنَعُنِي مِنْ التَّحَرُّكِ إِلَّا مَكَانُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى فَخِذِي فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حِينَ أَصْبَحَ عَلَى غَيْرِ مَاءٍ فَأَنْزَلَ اللَّهُ آيَةَ التَّيَمُّمِ فَتَيَمَّمُوا فَقَالَ أُسَيْدُ بْنُ الْحُضَيْرِ مَا هِيَ بِأَوَّلِ بَرَكَتِكُمْ يَا آلَ أَبِي بَكْرٍ قَالَتْ فَبَعَثْنَا الْبَعِيرَ الَّذِي كُنْتُ عَلَيْهِ فَأَصَبْنَا الْعِقْدَ تَحْتَهُ

[अब्दुल्ला बिन यूसुफ] ने हमें बताया कि [मलिक] ने हमें [अब्दुर्रहमान बिन अल कासिम] से [अपने पिता] से [आयशा] से पैगंबर की पत्नी (अल्लाह की शांति और आशीर्वाद उस पर हो) से बताया, जिन्होंने कहा, "हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) के साथ उनकी एक यात्रा पर निकले थे। जब हम बैदा, या सैनिकों के आराम करने की जगह पर पहुँचे, तो मैंने अपना हार खो दिया। अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) और उनके साथियों ने इसे खोजा जब वे पानी के पास नहीं थे। लोग अबू बक्र अस-सिद्दीक के पास आए और कहा, 'क्या आपने नहीं देखा कि आयशा ने क्या किया है? उसने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) और लोगों को अपनी यात्रा जारी रखने से रोक दिया जबकि वे पानी के पास नहीं थे और उनके पास कोई पानी नहीं था!' अबू बकर आए और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) अपना सिर मेरी जांघ पर रखे हुए थे। फिर अबू बकर ने मुझे डांटा और जैसा अल्लाह ने चाहा था वैसा ही कहा। उन्होंने मेरी बगल में चाकू मारा, और मुझे (दर्द की वजह से) हिलने से कोई नहीं रोक सका, सिवाय अल्लाह के रसूल के होने के जो मेरी जांघ पर थे। फिर अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम सुबह बिना पानी के उठे। फिर अल्लाह तआला ने तयम्मुम की आयत बताई, तो लोगों ने तयम्मुम किया। उसैद बिन अल हुदलैर ने फिर कहा, "आयशा तुम्हारे परिवार के लिए बरकतों की शुरुआत के अलावा कुछ नहीं थीं, ऐ अबू बकर!" आयशा ने कहा, "फिर जिस ऊंट पर मैं सवार थी, वह खड़ा हो गया और हमें उसके नीचे मेरा हार मिला।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 17603, 17607, 17608, 17611, 18125, 18130, 18721, 20407, 20587, 23164
इमाम बुखारी : 322, 326, 327, 328, 329, 330, 331, 332, 333, 334, 335, 1809, 3396, 4766
इमाम मुस्लिम : 550, 551, 552, 553, 1893
इमाम अबू दाऊद : 274, 275, 276, 281, 282
इमाम तिर्मिदज़ी : 115, 134, 135
इमाम नसाई : 308, 310, 311, 312, 313, 314, 315, 316, 317, 318, 319, 320, 321, 322
इमाम इब्नु माजा : 561, 562, 563, 1653
इमाम दरिमी : 738, 739