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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Doa I'tidal - 2: ALLAHUMMA RABBANA WALAKAL HAMDU HAMDAN KATSIIRA THAYYIBA MUBAARAKAN FIIH

Imam Bukhari : 757

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ نُعَيْمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ الْمُجْمِرِ عَنْ عَلِيِّ بْنِ يَحْيَى بْنِ خَلَّادٍ الزُّرَقِيِّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ رِفَاعَةَ بْنِ رَافِعٍ الزُّرَقِيِّ قَالَكُنَّا يَوْمًا نُصَلِّي وَرَاءَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمَّا رَفَعَ رَأْسَهُ مِنْ الرَّكْعَةِ قَالَ سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ قَالَ رَجُلٌ وَرَاءَهُ رَبَّنَا وَلَكَ الْحَمْدُ حَمْدًا كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ فَلَمَّا انْصَرَفَ قَالَ مَنْ الْمُتَكَلِّمُ قَالَ أَنَا قَالَ رَأَيْتُ بِضْعَةً وَثَلَاثِينَ مَلَكًا يَبْتَدِرُونَهَا أَيُّهُمْ يَكْتُبُهَا أَوَّلُ

हमका [अब्दुल्ला बिन मसलमा] से [मलिक] से [नुआइम बिन अब्दुल्लाह अल मुजमीर] से [अली बिन यह्या बिन खल्लाद अज़ जुराकी] से [उनके पिता] से [रिफाआ बिन रफी' अज़ जुराकी] से कहा गा है, 'एक दिन हम पैगम्बर सल्लाह वहुलाल के पीछे नमाज पढ़ेन। जब उ प्रणाम से आपन माथा उठाइन तौ उ कहिन: 'समीअल्लाहु लिमान हमीदाह -अल्लाह ओनके तारीफ सुनै जे ओनके तारीफ करत हैं-'। तब ओकरे पीछे एक मनई पढ़त रहा; 'रब्बना वा लकल हमदु हमदन कत्सिइरन थाय्यिबन मुबाराकन फीही -हे हमारे प्रभु, तोहरे लिए सब स्तुति है, मैं तोहार बहुत स्तुति से स्तुति करत हउँ, जवन अच्छा अऊर आशीर्वाद से भरा अहै-''। प्रार्थना के बाद उ पूछिन: 'उ वाक्य पढ़ै वाला कौन रहा?' व्यक्ति जवाब दिहिस, 'मैं हौं'। उ कहिन: 'मैंने तीस से अधिक स्वर्गदूतन का लड़त देखिन कि ओनमा से कौन सबसे पहिले ऊ वाक्य लिखिस'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 11593, 13153, 18105
Imam Bukhari : 757
Imam Muslim : 942
Imam Abu Dawud : 650
Imam Nasa'i : 875, 891, 922, 923
Imam Ibnu Majah : 3792