Hak Allah atas hamba adalah menyembah-nya tanpa menyekutukan-nya, dan hak hamba atas Allah adalah tidak disiksa jika tidak menyekutukan-nya
Imam Ahmad : 20997حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي حَصِينٍ وَالْأَشْعَثِ بْنِ سُلَيْمٍ أَنَّهُمَا سَمِعَا الْأَسْوَدَ بْنَ هِلَالٍ يُحَدِّثُ عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا مُعَاذُ أَتَدْرِي مَا حَقُّ اللَّهِ عَلَى الْعِبَادِ فَقَالَ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ يَعْبُدُونَهُ وَلَا يُشْرِكُونَ بِهِ شَيْئًا قَالَ أَتَدْرِي مَا حَقُّهُمْ عَلَيْهِ إِذَا فَعَلُوا ذَلِكَ قَالَ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ أَنْ لَا يُعَذِّبَهُمْ
हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन जाफर] हमरा सब के [स्यूबाह] के [अबू हुशैन] आ [अल अस्यात बिन सुलैम] स कहलक अछि, जे दुनू गोटे [अल असवद बिन हिलाल] के [मुअदज बिन जबल] स कहैत सुनने छलाह, ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: हे मुअदज! मनुक्ख पर भगवानक अधिकार अहाँ जनैत छी?' मुअद्ज जबाब देलकै; अल्लाह आ हुनकर रसूलुल्लाह बेसी जनैत छथि। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहने छथि : 'अल्लाह के इबादत करू आ हुनका संग किछु नहि जोड़ू'। रसुलुल्लाह सल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलकै, 'की तोरा पता छै कि अगर वू ऐसनऽ करै छै त॑ ओकरा अल्लाह के प्रति कोन अधिकार छै?' मुअद्ज जबाब देलकै; अल्लाह आ हुनकर रसूलुल्लाह बेसी जनैत छथि। रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे अल्लाह हुनका सभ केँ यातना नहि देलनि।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 3371, 3442, 3833, 3838, 4011, 4174, 4193, 6297, 7973, 8344, 8382, 8714, 10166, 10376, 11327, 12145, 13071, 13417, 13964, 14016, 14184, 14413, 14485, 14667, 14675, 16700, 16741, 17568, 18142, 18264, 20385, 20431, 20446, 20462, 20491, 20493, 20987, 20989, 20990, 20993, 20996, 20997, 20999, 21002, 21019, 21029, 21030, 21058, 21069, 21077, 21082, 21427, 21620, 21653, 22423, 22458, 22489, 26251, 26267
Imam Bukhari : 125, 126, 1161, 1162, 2213, 2644, 2983, 3180, 4137, 5379, 5510, 5796, 5797, 5962, 5963, 6019, 6189, 6825, 6933
Imam Muslim : 38, 41, 42, 43, 44, 45, 46, 47, 48, 134, 135, 136, 137, 138, 1654, 1655
Imam Tirmidzi : 627, 2562, 2567, 2568
Imam Nasa'i : 2085, 2086, 3905, 3944, 3947, 3948, 3949, 3950
Imam Ibnu Majah : 1642, 2608, 3786
Imam Malik : 375