Al Alim
Imam Ahmad : 20678
حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا ضَمْرَةُ بْنُ حَبِيبِ بْنِ صُهَيْبٍ عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ عَن زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَّمَهُ دُعَاءً وَأَمَرَهُ أَنْ يَتَعَاهَدَ بِهِ أَهْلَهُ كُلَّ يَوْمٍ قَالَ قُلْ كُلَّ يَوْمٍ حِينَ تُصْبِحُ لَبَّيْكَ اللَّهُمَّ لَبَّيْكَ وَسَعْدَيْكَ وَالْخَيْرُ فِي يَدَيْكَ وَمِنْكَ وَبِكَ وَإِلَيْكَ اللَّهُمَّ مَا قُلْتُ مِنْ قَوْلٍ أَوْ نَذَرْتُ مِنْ نَذْرٍ أَوْ حَلَفْتُ مِنْ حَلِفٍ فَمَشِيئَتُكَ بَيْنَ يَدَيْهِ مَا شِئْتَ كَانَ وَمَا لَمْ تَشَأْ لَمْ يَكُنْ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِكَ إِنَّكَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ اللَّهُمَّ وَمَا صَلَّيْتُ مِنْ صَلَاةٍ فَعَلَى مَنْ صَلَّيْتَ وَمَا لَعَنْتُ مِنْ لَعْنَةٍ فَعَلَى مَنْ لَعَنْتَ إِنَّكَ أَنْتَ وَلِيِّي فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ تَوَفَّنِي مُسْلِمًا وَأَلْحِقْنِي بِالصَّالِحِينَ أَسْأَلُكَ اللَّهُمَّ الرِّضَا بَعْدَ الْقَضَاءِ وَبَرْدَ الْعَيْشِ بَعْدَ الْمَمَاتِ وَلَذَّةَ نَظَرٍ إِلَى وَجْهِكَ وَشَوْقًا إِلَى لِقَائِكَ مِنْ غَيْرِ ضَرَّاءَ مُضِرَّةٍ وَلَا فِتْنَةٍ مُضِلَّةٍ أَعُوذُ بِكَ اللَّهُمَّ أَنْ أَظْلِمَ أَوْ أُظْلَمَ أَوْ أَعْتَدِيَ أَوْ يُعْتَدَى عَلَيَّ أَوْ أَكْتَسِبَ خَطِيئَةً مُحْبِطَةً أَوْ ذَنْبًا لَا يُغْفَرُ اللَّهُمَّ فَاطِرَ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضِ عَالِمَ الْغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ فَإِنِّي أَعْهَدُ إِلَيْكَ فِي هَذِهِ الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَأُشْهِدُكَ وَكَفَى بِكَ شَهِيدًا أَنِّي أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ وَحْدَكَ لَا شَرِيكَ لَكَ لَكَ الْمُلْكُ وَلَكَ الْحَمْدُ وَأَنْتَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُكَ وَرَسُولُكَ وَأَشْهَدُ أَنَّ وَعْدَكَ حَقٌّ وَلِقَاءَكَ حَقٌّ وَالْجَنَّةَ حَقٌّ وَالسَّاعَةَ آتِيَةٌ لَا رَيْبَ فِيهَا وَأَنْتَ تَبْعَثُ مَنْ فِي الْقُبُورِ وَأَشْهَدُ أَنَّكَ إِنْ تَكِلْنِي إِلَى نَفْسِي تَكِلْنِي إِلَى ضَيْعَةٍ وَعَوْرَةٍ وَذَنْبٍ وَخَطِيئَةٍ وَإِنِّي لَا أَثِقُ إِلَّا بِرَحْمَتِكَ فَاغْفِرْ لِي ذَنْبِي كُلَّهُ إِنَّهُ لَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ وَتُبْ عَلَيَّ إِنَّكَ أَنْتَ التَّوَّابُ الرَّحِيمُ حَدَّثَنَا سُرَيْجٌ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ خَارِجَةَ بْنِ زَيْدٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ قَالَ أُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَقْدَمَهُ إِلَى الْمَدِينَةِ فَذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِ سُلَيْمَانَ بْنِ دَاوُدَ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ خَارِجَةَ بْنِ زَيْدٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ
हमसे कहा गा है [अबू मुघिराह] हमसे कहिन है [अबू बकर] हमसे [दलामरह बिन हबीब बिन शुहैब] [अबू दरदा`] से [जैद बिन थाबित] से कहिन है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओनका नमाज सिखाइन अऊर ओनसे कहिन कि हर दिन अपने परिवार का सिखावा जाय। उन्होंने कहा: 'रोज सुबह पढ़ो: 'लब्बैका अल्लाहुम्मा लब्बाइक वा सदैका, वाल खैरू फी यादाइका वा मिंका वा बिका वा इलाइका अल्लाहुम्मा मां क़ुल्तु मिन कौलिन औ नजार्तु नजारी हस्तुफैन म मस्यि`अतुका बैना यादैहि मा सय`ता काना, वामा लाम तस्या` लाम यकुन, ला हउला वाला कुव्वाता इल्ला बिका, इन्नाका अला कुल्ली स्याइ`इन कादिर, अल्लाहुम्मा वामा शालैतु मैशाला अलाहला, वामा ल'अंतु मिन ल'नातिन फा 'अला मन ल'अन्ता, इन्नाका अन्ता वलिय्यी फिद दुन्या वाल फाइनल, तवफ्फानी मुसलमान वा अलहिकनी बिशालिहिइन। अस`अलुका अल्लाहुम्मा अर रिदला बदल क़दला` वाबरदल 'ऐसी ब'दल ममात वा लड्जडजाता नादलार इला वाझिका, वा स्याउकान इला लिकाआ`इका मिन घैरी दलारा` वा मुदलिरराह, वा मुदल फूलिनात मलाईना। अ'उदजुबिका अल्लाहुम्मा अउ उद्ज़लमा औ उदजलामा औ अतादी औ युतादा अलैय्या औ अकतासिबा खाथि`अतन मुहबितातन औ दज़नबन ला युघ्फार, अल्लाहुम्मा फथिरिस समालिया वालिया अलैया, गैलाविया, स्याहादति दज़ल जलाली वाल इकराम, फा इन्नी अ'हदु इलाइका फी हडज़ीहिल हयातिदुन्या वा उस्यहिदुका वकाफा बिका स्याहिदन अन्नी अस्यहादु अल्ला इल्लाहा इल्ला अन्त वाहदका ला स्यारीक ला हदुका लकाम अन्त 'आला कुलि स्याई`इन कादिर वा अस्यहादु अन्ना मुहम्मदन 'अबदुका वा रसुउलुका वा अस्यहादु अन्न वा'दका हककुन वा लिकाआ`उका हक्कुन वाल जन्नातु हक़ुन वस्सैअतुअलाय फुनतुआ फुनतु ANTA TAB'ASU MAN FIL QUBUR WA `Asyhadu ANNAK IN TAKILNII ILAA NAFSII ILAA DLAI'ATIN WA औरतिन WA DZANBIN WA KHATHII`ATIN WA INNI LAA ATSIQU ILLA BIRAHMATIKA फघफिरल दज़िला खुफिया इन्लाहुफिया दज़ुनुबा इल्ला अंत वा तुब 'अलय्या इन्नाका अंतर तवाबुर्राहिम'। -हे अल्लाह, मैं तोहार आह्वान पूरा करत हउँ, अच्छाई अऊर खुशी तोहरे साथ है, तोहरे से अऊर केवल तोहरे पास अहै अऊर तोहरे पास लौटि जइहैं। हे अल्लाह, जब तक आपकी उपस्थिति वहिमा न हो, तब तक मैं एकौ शब्द नाहीं बोलब, न कसम खाब, न कसम खाब। तुम जवन करब उ होई अऊर जवन तुम नाहीं करब उ नाहीं होई। तुम्हारे सिवाय कउनो शक्ति अऊर बल नाहीं है, तुम सब पर सर्वशक्तिमान हौ। हे अल्लाह, मैं वहिके सिवाय नमाज नाहीं पढ़त हउँ, जेकरे तू हुकुम देत हउ, अऊर मैं वहिके अलावा ओनके गाली नाहीं देत हउ जेका तू सराप देत हउ। दुनिया परत में तू है सहायता, मुसलमान बनकर मेरे लिए मरो और धर्मी लोगो के साथ मुझे इकट्ठा करो हे अल्लाह, मैं फैसला पूरा होए के बाद आपसे खुशी, मउत के बाद जीवन के खुशी अऊर आपके चेहरा का देखै का आनंद, बिना कौनो महत्वपूर्ण कठिनाई या भटकाव के आपसे मिले के लालसा मांगत हई। हे अल्लाह, मैं आपसे शरण लेत हउँ कि मैं अन्याय न करब या अन्याय न करब, सीमा से अधिक या सीमा से अधिक लोगन से। या पाप अऊर गलती करै से जेका माफ नाहीं कीन जा सकत है। हे अल्लाह, आकाश अऊर धरती के शासक, अदृश्य अऊर वास्तविक के सर्वज्ञ, जेकरे पास महिमा अऊर महिमा है, मैं तोहसे वादा करत हउँ अऊर गवाह हउँ अऊर तू गवाह के रूप मा काफी हउ। मैं गवाही देत हउँ कि अकेले तोहरे अलावा कौनो भगवान नाहीं है जेकरे पास पूजा करै का अधिकार है, तोहरे पास कौनो साथी नाहीं है, तोहरे लिए सब शक्ति अऊर स्तुति है अऊर तू सब चीजन के स्वामी है, अऊर मैं गवाही देत हउँ कि मुहम्मद तोहार सेवक अऊर दूत हैं, अऊर गवाही देत हउँ कि तू जउन वादा करत हउँ ऊ सच अहै, तोहसे मिलब सच अहै, जन्नत सच अहै जबकि सर्वनाश सच अहै, जब तक कि तू बिना शराब अहै, एक जे कब्र मा सबका जिन्दा करत है। अऊर मैं गवाही देत हउँ कि अगर तुम मोका छोड़ देत हउँ तौ तुम मोका बर्बाद, पाप अऊर गलतियन के लिए छोड़ देत हउँ, अऊर तोहरे से दया के अलावा मोर लिए कौनो प्रयास नाहीं है, मोर सब पापन का माफ करौ काहे से कि तोहरे अलावा केहू गलती का माफ नाहीं कइ सकत है, अऊर मोर पश्चाताप का स्वीकार करौ काहे से कि तुम पश्चाताप का सबसे स्वीकार करै वाला, सबसे दयालु हौ'। ई मोका बतावा गा है [सूरैज] मोका बताइस है [इब्नू अबू जिनाद] से [उनके पिता] से [खरीजा बिन जैद] से [जैद बिन थाबित] कहिन, 'अल्लाह के रसूल, शांति अऊर बरकत, मदीना मा उनकर जगह दीन गा रहा, फिर उ सुलाबिन के हदीस जइसन हदीस का जिक्र किहिन, दाउद बिन, अपने पिता से, अबूद से खरीजाह बिन जैद से, जैद बिन थाबित से'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 49, 60, 77, 418, 444, 497, 2024, 2183, 2437, 2775, 3477, 3561, 3572, 3584, 3721, 3954, 4032, 4536, 4887, 4975, 5770, 5902, 6309, 6555, 7620, 8040, 8042, 8472, 9137, 9301, 11047, 14180, 15617, 16541, 16851, 19585, 20261, 20354, 20479, 20678, 21908, 22046, 22756, 24444
Imam Bukhari : 981, 4261, 4405, 4477, 6831, 6876
Imam Abu Dawud : 4405, 4420, 4425
Imam Tirmidzi : 3314, 3452
Imam Darimi : 2573