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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 26349

حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ عُمَارَةَ عَنْ أَبِي الشَّعْثَاءِ قَالَ خَرَجْتُ حَاجًّا فَجِئْتُ حَتَّى دَخَلْتُ الْبَيْتَ فَلَمَّا كُنْتُ بَيْنَ السَّارِيَتَيْنِ مَضَيْتُ حَتَّى لَزِقْتُ بِالْحَائِطِ فَجَاءَ ابْنُ عُمَرَ فَصَلَّى إِلَى جَنْبِي فَصَلَّى أَرْبَعًا فَلَمَّا صَلَّى قُلْتُ أَيْنَ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ الْبَيْتِ قَالَ أَخْبَرَنِي أُسَامَةُ بْنُ زَيْدٍ أَنَّهُ صَلَّى هَاهُنَا فَقُلْتُ كَمْ صَلَّى قَالَ عَلَى هَذَا أَجِدُنِي أَلُومُ نَفْسِي إِنِّي مَكَثْتُ مَعَهُ عُمُرًا لَمْ أَسْأَلْهُ كَمْ صَلَّى ثُمَّ حَجَجْتُ مِنْ الْعَامِ الْمُقْبِلِ فَجِئْتُ فَقُمْتُ فِي مَقَامِهِ فَجَاءَ ابْنُ الزُّبَيْرِ فَصَلَّى فِيهِ أَرْبَعًا

म्हानै बतायो है [अबू मुआविया] म्हानै बतायो है [अल अमसी] [उमारा] सूं [अबू स्यात्सा`] उण कह्यो, 'मैं हज करण नै निकळ्यो, फेर मैं काबा रै मांय प्रवेश करण तांई आयो, जद मैं दो खम्भा रै बीच हो तो मैं भींत नै छूबा तांई गुजरग्यो। फेर [इब्न उमर] आया अर म्हारै कनै च्यार रकात री नमाज पढ़ी। नमाज रै बाद म्हैं उणसूं पूछ्यो कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम काबा रै मांय किण भाग मांय नमाज पढ़ता हा? ' उण जवाब दियो, ['उसामाह बिन जैद] म्हानै बतायो है कै वो अठै प्रार्थना करै है'। फेर मैं पूछ्यो, 'उण कितणी रकात री नमाज पढ़ी?' उण जवाब दियो, 'इण वास्तै म्हैं खुद माथै नाराज हूं, म्हैं उणरै सागै इतरा दिनां तांई रैयो पण म्हैं उणनै कदैई नीं पूछ्यो'। फेर मैं आगला साल हज करियो, फेर मैं आयो अर उण जगै माथै नमाज पढ़ी जठै इब्न अब्बास नमाज पढ़ता हा, फेर इब्न जुबैर आया अर उण जगै चार रकात री नमाज पढ़ी'।