Perumpamaan mu'min seperti pohon kurma
Imam Bukhari : 59
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ مِنْ الشَّجَرِ شَجَرَةً لَا يَسْقُطُ وَرَقُهَا وَإِنَّهَا مَثَلُ الْمُسْلِمِ فَحَدِّثُونِي مَا هِيَ فَوَقَعَ النَّاسُ فِي شَجَرِ الْبَوَادِي قَالَ عَبْدُ اللَّهِ وَوَقَعَ فِي نَفْسِي أَنَّهَا النَّخْلَةُ فَاسْتَحْيَيْتُ ثُمَّ قَالُوا حَدِّثْنَا مَا هِيَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ هِيَ النَّخْلَةُ
हमसे कहिस है [कुतैबा बिन सैद] हमसे कहिस है [इस्माइल बिन जाफर] से [अब्दुल्ला बिन दीनार] से [इब्न उमर] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वास्तव में पेड़ों के बीच एक ऐसा पेड़ है जिसके पत्ते नहीं गिरते। अऊर ई एक मुसलमान के लिए एक दृष्टान्त है'। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा कि बताओ वो कौन सा पेड़ है ? तौ दोस्तन ने मान लिहिन कि जवन मतलब रहा ऊ घाटी मा एक पेड़ रहा। अब्दुल्ला ने कहा- 'मैं अपने मन मा सोचत रहौं कि पेड़ खजूर है, लेकिन कहै मा शर्मिंदा होइगै। तब साथियों ने पूछा: 'हे अल्लाह के रसूल, ऊ कौन सा पेड़ है?' उ शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: 'खजूर का पेड़'।