Bahwa Rasulullah shallallahu 'alaihi wasallam pernah menshalatkan Suhail bin baidla` di masjid
Imam Ahmad : 23358
حَدَّثَنَا يُونُسُ حَدَّثَنَا فُلَيْحٌ عَنْ صَالِحِ بْنِ عَجْلَانَ عَنْ عَبَّادِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ لَمَّا تُوُفِّيَ سَعْدٌ وَأُتِيَ بِجِنَازَتِهِ أَمَرَتْ بِهِ عَائِشَةُ أَنْ يُمَرَّ بِهِ عَلَيْهَا فَشُقَّ بِهِ فِي الْمَسْجِدِ فَدَعَتْ لَهُ فَأُنْكِرَ ذَلِكَ عَلَيْهَا فَقَالَتْ مَا أَسْرَعَ النَّاسَ إِلَى الْقَوْلِ مَا صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى ابْنِ بَيْضَاءَ إِلَّا فِي الْمَسْجِدِ
हमका [यूनुस] बतावा गा है, हमका [फुलैज] बतावा गा है, [सालिह बिन अजलान] से, [अब्बाद बिन अब्दुल्ला बिन अज़-जुबैर] से, [ऐस्याह] से कहा गा है; जब साद मर गए अऊर उनकर लाश लीन गै, -ऐस्या राह- ने उनकर लाश का उनके पास पास करै का आदेश दिहिन, फिर लाश का मस्जिद मा रखवा गा, फिर -ऐस्या राह- उनके लिए दुआ किहिन। हालांकि, लोग इनकार किहिन कि -ऐस्या राह- ने का किहिन, यहिसे -ऐस्या राह- कहिन; कितनी जल्दी लोग कार्रवाई कर गये न रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इब्न बैदला से नाहीं बल्कि मस्जिद मा नमाज पढ़ौ?'।