Imam Ahmad : 19213
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي عَبْدُ الْكَرِيمِ بْنُ أَبِي الْمُخَارِقِ عَنْ مُعَاذِ بْنِ سَعْوَةَ الرَّاسِبِيِّ عَنْ سِنَانِ بْنِ سَلَمَةَ الْهُذَلِيِّ عَنْ أَبِيهِ سَلَمَةَ وَكَانَ قَدْ صَحِبَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ بَعَثَ بَدَنَتَيْنِ مَعَ رَجُلٍ وَقَالَ إِنْ عَرَضَ لَهُمَا فَانْحَرْهُمَا وَاغْمِسْ النَّعْلَ فِي دِمَائِهِمَا ثُمَّ اضْرِبْ بِهِ صَفْحَتَيْهِمَا حَتَّى يُعْلَمَ أَنَّهُمَا بَدَنَتَانِ قَالَ صَفْحَتَيْ كُلِّ وَاحِدَةٍ قَالَ وَلَا تَأْكُلْ مِنْهَا أَنْتَ وَلَا أَحَدٌ مِنْ رُفْقَتِكَ وَدَعْهَا لِمَنْ بَعْدَكُمْ
हमसे [मुहम्मद बिन बकर] बताइस है, हमसे [इब्न जुरैज] बताइस है, हमसे [अब्दुल करीम बिन अबुल मुखरीक] से [मुआज़ बिन स'वाह अररासीबी] से [सिनान बिन सलामा अल हुडजाली] से, अपने पिता [सलामा] से - उ पैगम्बर के साथियन मा से एक रहे, पैगम्बर सल्लाम से, सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम, कि उ एक बार एक आदमी के साथे दुई बलि के ऊँट भेजिन। कहिस कि हो सकै तौ दूनौ का वध कइके उनके चप्पल का खून मा डुबोय दिहा। यहिके बाद दुइनौ ऊँटन के शरीर के दुइनौ तरफ तब तक मारौ जब तक कि पता न चल जाय कि दुइनौ ऊँट बलि के ऊँट हैं। उ कहिन; 'हर तरफ'। उ फिन कहेस, 'का तू अउर तोहरे साथे जउन अहइँ, ओका न खाइ। ओका अपने अलावा केहू अउर के लिए छोड़ द'।