Rendahkan diri tidak menyeru ke dzat yang tuli dan bukan dzat yang jauh
Imam Bukhari : 6838
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ عَنْ أَبِي مُوسَى قَالَكُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَكُنَّا إِذَا عَلَوْنَا كَبَّرْنَا فَقَالَ ارْبَعُوا عَلَى أَنْفُسِكُمْ فَإِنَّكُمْ لَا تَدْعُونَ أَصَمَّ وَلَا غَائِبًا تَدْعُونَ سَمِيعًا بَصِيرًا قَرِيبًا ثُمَّ أَتَى عَلَيَّ وَأَنَا أَقُولُ فِي نَفْسِي لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ فَقَالَ لِي يَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ قَيْسٍ قُلْ لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ فَإِنَّهَا كَنْزٌ مِنْ كُنُوزِ الْجَنَّةِ أَوْ قَالَ أَلَا أَدُلُّكَ بِهِ
हमसे कहिन है [सुलेमान बिन हरब] हमसे कहिन है [हम्मद बिन जैद] से [अय्यूब] से [अबू उस्मान] से [अबू मूसा] कहिन, 'एक बार हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे एक यात्रा पर रहेन, अगर हम एक ऊँच जगह पर चढ़त रहेन तौ हम तकबीर कहत रहेन, अऊर उ कहिन: आप अपनी नमाज का सरल बनावा, काहे से कि आप देफ का पुकारत हई, या नाहीं करौ,' अदृश्य, वास्तव मा तुम भगवान का पुकारत हौ, जे सब सुनै वाला, सब देखै वाला अऊर सब निकट है'। फिर उ मेरे पास आए जब हम अपने आप से कहेन: 'ला हउला वाला क्व्वाता इल्लाह बिल्लाह -अल्लाह के मदद के अलावा कौनो शक्ति अऊर ताकत नाहीं है-', फिर उ कहिन: 'हे अब्दुल्ला बिन कैस, ला हउला वाला क्व्वाता इलाह बिल्लाह कहौ, काहे से कि पढ़ाई स्वर्ग का खजाना है, या संपादक के साथ स्वर्ग से कहे रहेन कि' कहत हय?'