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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Rabb tabaraka wa ta'ala turun ke langit dunia di sepertiga malam dan yang berdo’a pasti kukabulkan

Imam Ahmad : 17234

حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ وَعَفَّانُ الْمَعْنَى قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ زَيْدٍ عَنِ الْحَسَنِ أَنَّ ابْنَ عَامِرٍ اسْتَعْمَلَ كِلَابَ بْنَ أُمَيَّةَ عَلَى الَأَيْلَةِ وَعُثْمَانُ بْنُ أَبِي الْعَاصِ فِي أَرْضِهِ فَأَتَاهُ عُثْمَانُ فَقَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ عَبْدُ الصَّمَدِ فِي حَدِيثِهِ يَقُولُ إِنَّ فِي اللَّيْلِ سَاعَةً تُفْتَحُ فِيهَا أَبْوَابُ السَّمَاءِ يُنَادِي مُنَادٍ هَلْ مِنْ سَائِلٍ فَأُعْطِيَهُ هَلْ مِنْ دَاعٍ فَأَسْتَجِيبَ لَهُ هَلْ مِنْ مُسْتَغْفِرٍ فَأَغْفِرَ لَهُ قَالَا جَمِيعًا وَإِنَّ دَاوُدَ خَرَجَ ذَاتَ لَيْلَةٍ فَقَالَ لَا يَسْأَلُ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ أَحَدٌ شَيْئًا إِلَّا أَعْطَاهُ إِلَّا أَنْ يَكُونَ سَاحِرًا أَوْ عَشَّارًا فَدَعَا كِلَابٌ بِقُرْقُورٍ فَرَكِبَ فِيهِ وَانْحَدَرَ إِلَى ابْنِ عَامِرٍ فَقَالَ دُونَكَ عَمَلَكَ قَالَ لِمَ قَالَ حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بِكَذَا وَكَذَا

हमका [अब्दुशशमद] अऊर [अफ्फान] का अर्थ बताय के, दुइनौ जने कहिन; [हम्मद बिन सलामा] ने हमसे [अली बिन जैद] [अल हसन] से कहा है कि [इब्नू अमीर] ने किलाब बिन उमय्याह का अल ऐला का नेता नियुक्त किहिन, जबकि उथमान अपने क्षेत्र मा रहे। त उथमान उनके पास आए अऊर कहिन, 'मैंने सुना कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम -अब्दुशशमद ने अपनी हदीस में बतावा है- कहत हैं: 'वास्तव में रात मा एक समय होत है जब स्वर्ग के दरवाजा खुल जात हैं। तब पुकारने वाला - अल्लाह - चिल्लाया, 'क्या कोई है जो माँगता है कि मैं देता हूँ? का केहू अइसा है जउन तब तक प्रार्थना करत है जब तक कि मैं ओकर प्रार्थना का जवाब न देइ? का कउनो अइसा है जउन माफी माँगत है जब तक कि मैं ओकर पापन का माफ नाहीं कइ देत हउँ? ' पैगम्बर आगे कहिन: 'वास्तव मा एक रात, पैगम्बर दाऊद बाहर आए अऊर कहिन, 'कोई भी अल्लाह अज्जा वा जल्ला से कुछौ नाहीं मांगत है जब तक कि उ ओका न देई। सिवाय चुड़ैल या सूदखोर के।' यहिसे किलाब एक छोट नाव बोलाइस अऊर वहिके साथे रवाना भवा। फिर उ इब्न अमीर के ओर आपन शरीर झुकाइन अऊर कहिन, 'अइसन मत करौ'। इब्न अमीर ने पूछा, 'काहे?' उन्होंने जवाब दिया, 'उथमान हमसे ऐसे और ऐसे बताये हैं'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 7196, 7275, 7303, 7460, 9067, 9922, 15464, 15625, 17228, 17234
Imam Bukhari : 1077, 1261, 5846
Imam Muslim : 1261, 1262, 1264
Imam Abu Dawud : 1120, 4108
Imam Tirmidzi : 408