इमाम अहमद : 16177
قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعُ وَعَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ صُرَدٍ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ قَالَ تَذَاكَرْنَا الْغُسْلَ مِنْ الْجَنَابَةِ عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَمَّا أَنَا فَأُفِيضُ عَلَى رَأْسِي ثَلَاثًا وَقَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ ذُكِرَتْ الْجَنَابَةُ عِنْدَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَمَّا أَنَا فَآخُذُ بِكَفِّي ثَلَاثًا فَأُفِيضُ عَلَى رَأْسِي
(अहमद बिन हंबल रदलिअल्लाहुअन्हु) ने कहा; हमें [वाकी] और [अब्दुर्रहमान] ने [सुफ़यान] से [अबू इसहाक] से [सुलेमान बिन शूर्द] से [जुबैर बिन मुथिम] ने बताया; हमने आपस में नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास जनाबत नहाने के बारे में बात की, फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "मैंने अपने सिर पर तीन बार पानी डाला।" अब्दुर्रहमान ने कहा; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास जनाबत का ज़िक्र हुआ, फिर उन्होंने कहा: "मैंने दो हथेलियां लीं, तीन बार फिर मैंने इसे अपने सिर पर डाला, फिर मैंने इसे अपने पूरे शरीर पर डाला।"
समर्थक हदीस :
इमाम अहमद : 2663, 7111, 13599, 13673, 13740, 13908, 14225, 14447, 14448, 14490, 14522, 16149, 16177, 16183, 23293, 23507, 23559, 23697, 23956, 24210, 24239, 24376, 24802, 24944, 25016, 25571, 25611, 25612, 25625
इमाम बुखारी : 240, 241, 246, 247, 248, 249, 250, 251, 252, 254, 257, 258, 264, 265, 267, 272
इमाम मुस्लिम : 474, 475, 476, 477, 478, 493, 494, 495, 496
इमाम अबू दाऊद : 207, 208, 209, 210, 211, 213, 214
इमाम तिर्मिदज़ी : 96, 97
इमाम नसाई : 243, 244, 245, 246, 247, 248, 249, 250, 253, 254, 415, 416, 417, 418, 419, 420, 421, 422, 423, 425
इमाम इब्नु माजा : 263, 264, 265, 266, 566, 567, 568, 569, 570, 571, 572
इमाम मलिक : 89, 91
इमाम दरिमी : 706, 740, 741, 744, 1128