Imam Ahmad : 15202
حَدَّثَنَا يَزِيدُ قَالَ أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ عَنْ عَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ أَخْبَرَهُ عَنْ عُوَيْمِرِ بْنِ أَشْقَرَ أَنَّهُ ذَبَحَ قَبْلَ أَنْ يَغْدُوَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمَّا صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ذَكَرَ ذَلِكَ لَهُ فَأَمَرَهُ أَنْ يُعِيدَ أُضْحِيَّتَهُ
हमसे कहिन है [यजीद] कहिन; [यह्या बिन सैद] ने हमसे ['अब्बाद बिन तमीम] से कहा कि उ हमसे ['उवैमिर बिन असीकोर] से कहिन कि उ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नमाज के लिए रवाना होवे से पहिले वध किहिन रहैं। जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ईद के नमाज पढ़िन, तौ ओनका ई बात बताई गै, अऊर उ ओनका वध दोहरावै का हुकुम दिहिन।