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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Nabi mengampuni Hathib meskipun berkhianat membocorkan rencana Nabi kepada musyrikin karena menghargai peserta perang Badar

Imam Ahmad : 14247

حَدَّثَنَا حُجَيْنٌ وَيُونُسُ قَالَا حَدَّثَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ حَاطِبَ بْنَ أَبِي بَلْتَعَةَ كَتَبَ إِلَى أَهْلِ مَكَّةَ يَذْكُرُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَرَادَ غَزْوَهُمْ فَدُلَّ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى الْمَرْأَةِ الَّتِي مَعَهَا الْكِتَابُ فَأَرْسَلَ إِلَيْهَا فَأُخِذَ كِتَابُهَا مِنْ رَأْسِهَا وَقَالَ يَا حَاطِبُ أَفَعَلْتَ قَالَ نَعَمْ أَمَا إِنِّي لَمْ أَفْعَلْهُ غِشًّا لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ يُونُسُ غِشًّا يَا رَسُولَ اللَّهِ وَلَا نِفَاقًا قَدْ عَلِمْتُ أَنَّ اللَّهَ مُظْهِرٌ رَسُولَهُ وَمُتِمٌّ لَهُ أَمْرَهُ غَيْرَ أَنِّي كُنْتُ عَزِيزًا بَيْنَ ظَهْرِيهِمْ وَكَانَتْ وَالِدَتِي مِنْهُمْ فَأَرَدْتُ أَنْ أَتَّخِذَ هَذَا عِنْدَهُمْ فَقَالَ لَهُ عُمَرُ أَلَا أَضْرِبُ رَأْسَ هَذَا قَالَ أَتَقْتُلُ رَجُلًا مِنْ أَهْلِ بَدْرٍ مَا يُدْرِيكَ لَعَلَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ قَدْ اطَّلَعَ عَلَى أَهْلِ بَدْرٍ فَقَالَ اعْمَلُوا مَا شِئْتُمْ

हमसे [हुजैन] अऊर [यूनुस] कहिन; हमसे [अबू अज जुबैर] से [जाबिर बिन अब्दुल्ला] से [अल लैट्स बिन सद] बताइन है, हथिब बिन अबू बाल्टाह ने मक्का के लोगन का एक चिट्ठी लिखिन ताकि ओनका सूचित कीन जा सके कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओनसे लड़ै चाहत हैं। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बतावा गा रहा कि एक औरत रही जेका चिट्ठी ढोवै का काम सौंपा गा रहा। तब -रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम- ने उनके पास एक को भेजा और उ चिट्ठी लीन जो उनके बालन के एक गुच्छा में रखी गई थी, और -रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम- ने कहा: 'हे हथिब, का तुमने ऐसा किया है? ऊ कहत है; हाँ। कृपया जानौ, हम ई एहसे नाहीं किहेन काहे से कि हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का धोखा देय चाहत रहेन।-- यूनुस ने कहा -अपने इतिहास मा- संपादकीय के साथ 'धोखाधड़ी के कारण, हे रसूलुल्लाह--, अऊर निफाक के कारण नाहीं, हम सचमुच जानित है कि अल्लाह अपने रसूल का जीत लेई अऊर अपने कामन का सिद्ध करिहैं, केवल हम एक सम्मानित व्यक्ति हई, ओनमा से हमार एक महतारी है। यहै कारन मैं इनके इज्जत के रक्षा खातिर यहिनतान करैं चाहत हौं। तब उमर ने -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- से कहा, का मैं ई मनई के गर्दन काट सकत हउँ? -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- कहिन: का तुम एक्सपर्ट ऑफ बदर से केहू का मारब? का तुमका पता नाहीं है कि अल्लाह अज्जावाजल्ला बदर के लड़ाई के अनुयायियन का जानत रहे अऊर कहिन, 'तुम जइसे चाहौ करौ'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 786, 5611, 7599, 14247
Imam Bukhari : 2785, 2851, 3684, 3939, 4511
Imam Muslim : 4550
Imam Abu Dawud : 4035
Imam Tirmidzi : 3227
Imam Darimi : 2643