hendaklah yang mengimami shalat kalian adalah yang paling tua di antara kalian
Imam Bukhari : 592
حَدَّثَنَا مُعَلَّى بْنُ أَسَدٍ قَالَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ عَنْ مَالِكِ بْنِ الْحُوَيْرِثِأَتَيْتُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي نَفَرٍ مِنْ قَوْمِي فَأَقَمْنَا عِنْدَهُ عِشْرِينَ لَيْلَةً وَكَانَ رَحِيمًا رَفِيقًا فَلَمَّا رَأَى شَوْقَنَا إِلَى أَهَالِينَا قَالَ ارْجِعُوا فَكُونُوا فِيهِمْ وَعَلِّمُوهُمْ وَصَلُّوا فَإِذَا حَضَرَتْ الصَّلَاةُ فَلْيُؤَذِّنْ لَكُمْ أَحَدُكُمْ وَلْيَؤُمَّكُمْ أَكْبَرُكُمْ
हमका बतावा गा है [मुअल्ला बिन असद] कहिन, हमका [वुहैब] से [अय्यूब] से [अबू किलाबा] से [मलिक बिन अल हुवैरिट्स] से बतावा गा है, 'मैं अपने लोगन के एक समूह मा पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास गय रहौं, हम फिर बीस दिन तक उनके बगल मा रहेन। उ बहुतै प्यार अऊर स्नेही मनई हैं। जब उ हमरे परिवार के लिए हमार लालसा देखिन, त उ कहिन: 'उनके पास वापस जाओ, उनके साथ जुड़ो, उनका सिखाओ अऊर उनके साथ प्रार्थना करो। जब नमाज का समय आ जाय, तो आप में से एक अज़ान करे और आपकी नमाज का नेतृत्व करे वाला आप में सबसे बड़ा हो'।