Rasulullah menyerang yahudi khaibar pada pagi hari dan mengucapkan ‘Allahu Akbar, yahudi khaibar akan berantakan
Imam Bukhari : 575
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا غَزَا بِنَا قَوْمًا لَمْ يَكُنْ يَغْزُو بِنَا حَتَّى يُصْبِحَ وَيَنْظُرَ فَإِنْ سَمِعَ أَذَانًا كَفَّ عَنْهُمْ وَإِنْ لَمْ يَسْمَعْ أَذَانًا أَغَارَ عَلَيْهِمْ قَالَ فَخَرَجْنَا إِلَى خَيْبَرَ فَانْتَهَيْنَا إِلَيْهِمْ لَيْلًا فَلَمَّا أَصْبَحَ وَلَمْ يَسْمَعْ أَذَانًا رَكِبَ وَرَكِبْتُ خَلْفَ أَبِي طَلْحَةَ وَإِنَّ قَدَمِي لَتَمَسُّ قَدَمَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَخَرَجُوا إِلَيْنَا بِمَكَاتِلِهِمْ وَمَسَاحِيهِمْ فَلَمَّا رَأَوْا النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالُوا مُحَمَّدٌ وَاللَّهِ مُحَمَّدٌ وَالْخَمِيسُ قَالَ فَلَمَّا رَآهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ اللَّهُ أَكْبَرُ اللَّهُ أَكْبَرُ خَرِبَتْ خَيْبَرُ إِنَّا إِذَا نَزَلْنَا بِسَاحَةِ قَوْمٍ{ فَسَاءَ صَبَاحُ الْمُنْذَرِينَ }
हमका बतावा गा है [कुतैबा बिन सैद] कहिन, हमका [इस्माइल बिन जाफर] द्वारा [हुमैद] से [अनस बिन मलिक] से बतावा गा है, कि अगर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरे साथे एक लोगन से लड़िन, तौ उ भोर -प्रतीक्षा- समय तक उ लोगन पर हमला नाहीं किहिन। अगर अज़ान सुनत है तौ रोक देत है। लेकिन अगर अज़ान नाहीं सुना जात रहा तौ उ हमला करत रहा'। अनस बिन मलिक ने कहा, 'तो एक दिन हम खैबर गांव पर हमला करै निकले रहेन, हम फिर शाम तक इंतजार किहेन। जब सुबह भै अऊर उ अज़ान नाहीं सुनिन, तौ उ आपन घोड़ा पै चढ़ि गें जब हम अबू तल्हा के पीछे सवार होइ गयेन। सचमुच, मेरे पैर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पैर छू गए'। अनस बिन मलिक ने अपनी कहानी जारी रखी, 'खैबर के लोग अपनी टोकरी और कुदाल लेकर हमरे तरफ निकले, जब उन्होंने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखा तो कहा, 'मुहम्मद! अल्लाह के कसम, मुहम्मद अऊर ओकर सेना -आवत हैं-!' अनस ने कहा कि जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इनको देखा तो कहा कि अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर खैबर का बर्बाद कर दो ! सचमुच, जब हम एक लोगन के गाँव मा आवत हैं, तौ चेतावनी देय वालेन के द्वारा अनुभव कीन जाय वाली सुबह बहुत खराब होत है-' -प्रश्न। ऐश शफत: 177-।