Rahmat-Ku telah mendahului murka-Ku
Imam Ahmad : 7779
وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمَّا قَضَى اللَّهُ الْخَلْقَ كَتَبَ كِتَابًا فَهُوَ عِنْدَهُ فَوْقَ الْعَرْشِ إِنَّ رَحْمَتِي غَلَبَتْ غَضَبِي
अबहियों पिछली हदीस के समान संचरण मार्ग से गुजरत अहै; [अबू हुरैराह] से; अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'जब अल्लाह सब प्राणी का पहिले से तय किहिन, तौ अल्लाह एक फरमान लिखिन, अऊर उ सिंहासन पर उनके बगल मा रहे, 'वास्तव मा, मोर दया मोर क्रोध पर विजय पावत है'।