Setiap amal anak adam dilipat gandakan kecuali puasa
Imam Bukhari : 40
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ هَمَّامِ بْنِ مُنَبِّهٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَحْسَنَ أَحَدُكُمْ إِسْلَامَهُ فَكُلُّ حَسَنَةٍ يَعْمَلُهَا تُكْتَبُ لَهُ بِعَشْرِ أَمْثَالِهَا إِلَى سَبْعِ مِائَةِ ضِعْفٍ وَكُلُّ سَيِّئَةٍ يَعْمَلُهَا تُكْتَبُ لَهُ بِمِثْلِهَا
हमका बतावा गा है [इशाक बिन मंसूर] कहिन, हमसे बतावा गा है [अब्दुर्राज्जाक] कहिन, हमका बतावा गा है [मामर] से [हमम बिन मुनब्बिह] से [अबू हुरैरा] कहिन, रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'अगर तुममें से कोई आपन इस्लाम सुधारत है तौ हर भलाई के लिए ओनके लिए दस समान लिखा जाई -अच्छाई-सात सौ स्तर तक, अऊर हर एक बुरा काम जवन उ करत है, ओनके समान केवल एक बुराई लिखा जाई'।