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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Larangan memakai sutra bagi laki-laki dan balasan bagi yang mengenakan di dunia

Imam Ahmad : 4483

حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ أَخْبَرَنِي نَافِعٌ عَنِ ابْنِ عُمَرَ أَنَّ عُمَرَ رَأَى حُلَّةَ سِيَرَاءَ أَوْ حَرِيرٍ تُبَاعُ فَقَالَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَوْ اشْتَرَيْتَ هَذِهِ تَلْبَسُهَا يَوْمَ الْجُمُعَةِ أَوْ لِلْوُفُودِ قَالَ إِنَّمَا يَلْبَسُ هَذِهِ مَنْ لَا خَلَاقَ لَهُ قَالَ فَأُهْدِيَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْهَا حُلَلٌ فَبَعَثَ إِلَى عُمَرَ مِنْهَا بِحُلَّةٍ قَالَ سَمِعْتُ مِنْكَ تَقُولُ مَا قُلْتَ وَبَعَثْتَ إِلَيَّ بِهَا قَالَ إِنَّمَا بَعَثْتُ بِهَا إِلَيْكَ لِتَبِيعَهَا أَوْ تَكْسُوَهَا

हमका [यह्या] से [उबैदुल्लाह] बतावा गा है [इब्न उमर] से मोहि [नफी] का सूचित किहिन है, कि उमर ने एक बार रेशम से सिलवा या बने कपड़ा बेचा जात देखिन, फिर उ पैगम्बर सल्लल्लाहु 'अलियाही वसल्लम से कहिन, 'मान लीजिए कि आपने शुक्रवार का दूत या दूत प्राप्त करै के लिए खरीदा अऊर पहिना?' उ जवाब दिहिन: 'वास्तव मा जवन लोग अइसन कपड़ा पहिरत हैं, उ लोग अइसन लोग हैं जे ओनका नाहीं पहिर सकत हैं'। इब्न उमर ने आगे कहा, 'फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलियाही वसल्लम को उपहार दिया गया, जिनके बीच रेशमी कपड़े रहे, फिर उन्होंने कुछ रेशमी कपड़े उमर को भेजे। तौ उमर ने पूछा, 'मैंने सुना कि तुम का कहिन लेकिन बदले मा तुमने मोका भेजा?' उ जवाब दिहिन: 'वास्तव मा, हम तोहरे पास भेजे रहेन ताकि तू इका बेच सकै या पहिर सकै -अपनी पत्नी का-'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 118, 176, 236, 243, 259, 303, 327, 4483, 4537, 4737, 4850, 4879, 5109, 5286, 5535, 5581, 5831, 6055, 7541, 8005, 8090, 10750, 11547, 13481, 15534, 25264
Imam Bukhari : 837, 2420, 2426, 2826, 5382, 5384, 5385, 5386, 5387, 5393, 5523, 5617
Imam Muslim : 3851, 3852, 3854, 3855, 3856, 3858, 3866, 3867
Imam Abu Dawud : 909, 3522
Imam Tirmidzi : 2742
Imam Nasa'i : 1365, 1542, 5200, 5204, 5209, 5210, 5211, 5212, 5217
Imam Ibnu Majah : 3364, 3578, 3581
Imam Malik : 1432