Miskin tidak memiliki kecukupan namun dia malu untuk tidak meminta-minta
Imam Ahmad : 4039
حَدَّثَنَا عَبْد اللَّهِ قَالَ قَرَأْتُ عَلَى أَبِي حَدَّثَكَ عَمْرُو بْنُ مُجَمِّعٍ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ الْهَجَرِيُّ عَنْ أَبِي الْأَحْوَصِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الْمِسْكِينَ لَيْسَ بِالطَّوَّافِ الَّذِي تَرُدُّهُ اللُّقْمَةُ وَاللُّقْمَتَانِ أَوْ التَّمْرَةُ وَالتَّمْرَتَانِ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَمَنْ الْمِسْكِينُ قَالَ الَّذِي لَا يَسْأَلُ النَّاسَ وَلَا يَجِدُ مَا يُغْنِيهِ وَلَا يُفْطَنُ لَهُ فَيُتَصَدَّقَ عَلَيْهِ
अब्दुल्ला हमसे कहिन कि उ कहिन; हम अपने पिताजी का पढ़ेन। हम तोहसे कहे हई [अमरू बिन मुजम्मी] हमसे [इब्राहिम अल हजारी] [अबू अल अहवाह] से [अब्दुल्लाह बिन मसूद] से कहिन है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'गरीब आदमी उ नाहीं होत है जे घूमत है -भीख मांगत है- जेका एक या दुई रिश्वत या एक अऊर दुई खजूर के कारण खारिज कर दीन जात है'। हम पूछेन; या रसूल अल्लाह फिर गरीब व्यक्ति कौन है उन्होंने उत्तर दिया: 'वह एक ऐसा व्यक्ति है जो लोगन से नहीं पूछत है, लेकिन वहका जरूरत के चीज नहीं मिलत है, अऊर अपनी -गरीबी- नहीं दिखात है, यहै कारन ओका भिक्षा दीन जात है'।