Doa memohon ketakwaan, petunjuk, kebajikan, dan kekayaan (Allahumma innii as-alukal hudaa wat-tuqaa wal-'afaafa wal-ghinaa)
Imam Ahmad : 4012
حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ أَبِيهِ وَإِسْرَائِيلَ عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ عَنْ أَبِي الْأَحْوَصِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدْعُو يَقُولُ اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْهُدَى وَالتُّقَى وَالْعِفَّةَ وَالْغِنَى
हमका [वाकी'] [अपने पिता] से अऊर [इजरायल] से [अबू इशाक] से [अबू अल अह्वाश] से [अब्दुल्ला] से कहिके उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ई कहिके प्रार्थना करत रहें: 'हे अल्लाह, मैं आपसे मार्गदर्शन, धर्मपरायणता, आत्मसम्मान के संरक्षण अऊर पर्याप्तता के भावना के मांग करत हई'।