Doa memohon ketakwaan, petunjuk, kebajikan, dan kekayaan (Allahumma innii as-alukal hudaa wat-tuqaa wal-'afaafa wal-ghinaa)
Imam Ahmad : 3754
حَدَّثَنَا رَوْحٌ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا إِسْحَاقَ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا الْأَحْوَصِ يُحَدِّثُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ كَانَ يَدْعُو بِهَذَا الدُّعَاءِ اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْهُدَى وَالتُّقَى وَالْعَفَافَ وَالْغِنَى
हमसे कहिस है [रौह] हमसे कहिस है [स्यू'बाह] उ कहिस; हम [अबू इशाक] का कहत सुने रहेन; हम [अबू अल अहवाह] का पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के [अब्दुल्लाह बिन मसूद] से बतावत सुनेन कि उ हमेशा प्रार्थना करत रहें: ' -अल्लाहुम्मा इन्नी अस`अलुकत तुका वल हुदा वल 'अफाफा वल घिना- -हे अल्लाह, वास्तव मा मैं तोहसे हिम्मत माँगत हउँ, सब पाप से मार्गदर्शन - अऊर धन-'।