Shufrah (sejenis tumbuhan yang baunya wangi dan berwarna kuning), beliau bersabda ini lebih baik dari semuanya
Imam Bukhari : 5403حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ عَنْ مَالِكٍ عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ بْنِ جُرَيْجٍ أَنَّهُ قَالَ لِعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَارَأَيْتُكَ تَصْنَعُ أَرْبَعًا لَمْ أَرَ أَحَدًا مِنْ أَصْحَابِكَ يَصْنَعُهَا قَالَ مَا هِيَ يَا ابْنَ جُرَيْجٍ قَالَ رَأَيْتُكَ لَا تَمَسُّ مِنْ الْأَرْكَانِ إِلَّا الْيَمَانِيَيْنِ وَرَأَيْتُكَ تَلْبَسُ النِّعَالَ السِّبْتِيَّةَ وَرَأَيْتُكَ تَصْبُغُ بِالصُّفْرَةِ وَرَأَيْتُكَ إِذَا كُنْتَ بِمَكَّةَ أَهَلَّ النَّاسُ إِذَا رَأَوْا الْهِلَالَ وَلَمْ تُهِلَّ أَنْتَ حَتَّى كَانَ يَوْمُ التَّرْوِيَةِ فَقَالَ لَهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ أَمَّا الْأَرْكَانُ فَإِنِّي لَمْ أَرَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَمَسُّ إِلَّا الْيَمَانِيَيْنِ وَأَمَّا النِّعَالُ السِّبْتِيَّةُ فَإِنِّي رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَلْبَسُ النِّعَالَ الَّتِي لَيْسَ فِيهَا شَعَرٌ وَيَتَوَضَّأُ فِيهَا فَأَنَا أُحِبُّ أَنْ أَلْبَسَهَا وَأَمَّا الصُّفْرَةُ فَإِنِّي رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَصْبُغُ بِهَا فَأَنَا أُحِبُّ أَنْ أَصْبُغَ بِهَا وَأَمَّا الْإِهْلَالُ فَإِنِّي لَمْ أَرَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُهِلُّ حَتَّى تَنْبَعِثَ بِهِ رَاحِلَتُهُ
हमरा सब के [अब्दुल्लाह बिन मसलमाह] के [मलिक] स [सईद अल मकबुरी] स [उबैद बिन जुरैज] स कहल गेल अछि जे ओ [अब्दुल्लाह बिन उमर] रदलियाल्लाहु अनहुमा स कहने छलाह; 'हम अहाँकेँ चारिटा एहन काज करैत देखलहुँ जे अहाँक संगी सभकेँ कहियो नहि देखलहुँ ।' इब्न उमर पुछलखिन; 'से की छै हे इब्न जुरैज? ' इब्न जुरैज उत्तर देलनि; 'हम देखलहुँ जे अहाँ यमनीक दू टा खंभा छोड़ि खंभा नहि छूबैत छी, हम अहाँ केँ सिबती चप्पल पहिरने देखलहुँ - जे केशहीन होइत अछि -, आ अहाँ केँ शुफ्रा - हल्दी आ अन्य वस्तुक मिश्रण सँ बनल तेल - सँ डुबकी लगाबैत देखलहुँ, आ अहाँ केँ देखलहुँ जखन अहाँ मक्का मे रही, लोक अमावस्या दिस तकैत काल ताल्बिया छल जखन कि अहाँ दिन धरि तालबिया नहि केने रही।' तरवियाह - जे धुल हिज्जाह के आठम अछि -। तखन अब्दुल्ला बिन उमर हुनका कहलखिन; 'रहल बात खंभा के त वास्तव में हम रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दू यमानी खंभा के छोड़ि छूबैत नहिं देखलहुं, जेना सिबती चप्पल के - चप्पल जेकर केश नहिं अछि, तखन सचमुच हम रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वस्ल्लम के एहन चप्पल पहिरने देखलहुं जेकर केश नहिं छल, आ ओहि चप्पल में वजूद करैत छल तें हम ओकरा पहिरय चाहैत छलहुं, जेना शुफ्रा के लेल, सचमुच हम रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अपन केश के शुफ्रह स रंगैत देखलहुं अछि, ताहि लेल हम हुनका संग डुबकी लगाबय चाहैत छलहुं, रहल बात तल्बिया के त, वास्तव में हम अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) के तालबिया करैत नहि देखलहुं जाबत हुनकर वाहन ठाढ़ नहि भ गेल छल।