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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 3153

حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ قَيْسٍ عَنِ الْحَكَمِ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ بِتُّ عِنْدَ خَالَتِي مَيْمُونَةَ قَالَ فَقَامَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ اللَّيْلِ فَتَوَضَّأَ قَالَ فَقُمْتُ فَتَوَضَّأْتُ ثُمَّ قَامَ فَصَلَّى فَقُمْتُ خَلْفَهُ أَوْ عَنْ شِمَالِهِ فَأَدَارَنِي حَتَّى أَقَامَنِي عَنْ يَمِينِهِ

उन्होंने हमें [मुहम्मद बिन क़ैस] से [अल हकम] से [सईद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] से [वाकी] बताया; मैंने एक बार अपनी मौसी मैमूना के घर रात बिताई। उन्होंने फिर कहा; फिर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रात में उठे और वज़ू किया। उन्होंने फिर कहा; फिर मैं उठा और वज़ू किया फिर नमाज़ के लिए खड़ा हुआ, फिर मैं हॉल के पीछे या उनके बाईं ओर खड़ा हो गया, फिर उन्होंने मुझे घुमाया जब तक कि मैं उनके दाईं ओर खड़ा नहीं हो गया।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 1746, 2133, 2163, 2211, 2288, 2471, 3004, 3009, 3073, 3153, 3187, 3216, 3260, 3280, 3299, 3310, 12644, 13104, 14262
इमाम बुखारी : 114, 177, 656, 658, 686, 937, 1123, 4204, 5464
इमाम मुस्लिम : 1055, 1056, 1276, 1281, 1282, 1285
इमाम अबू दाऊद : 516, 1151
इमाम तिर्मिदज़ी : 215
इमाम नसाई : 438, 797, 833
इमाम इब्नु माजा : 963, 965
इमाम दरिमी : 639