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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Allah berfirman kepada mukmin: hari ini aku telah mengampunimu, lalu diberi catatan amal baiknya, sementara kafir dan munafik dipanggil keras di hadapan semua makhluk, mereka yang mendustakan Allah

Imam Muslim : 4972

حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ عَنْ هِشَامٍ الدَّسْتَوَائِيِّ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ مُحْرِزٍ قَالَ قَالَ رَجُلٌ لِابْنِ عُمَرَ كَيْفَ سَمِعْتَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ فِي النَّجْوَى قَالَ سَمِعْتُهُ يَقُولُ يُدْنَى الْمُؤْمِنُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ مِنْ رَبِّهِ عَزَّ وَجَلَّ حَتَّى يَضَعَ عَلَيْهِ كَنَفَهُ فَيُقَرِّرُهُ بِذُنُوبِهِ فَيَقُولُ هَلْ تَعْرِفُ فَيَقُولُ أَيْ رَبِّ أَعْرِفُ قَالَ فَإِنِّي قَدْ سَتَرْتُهَا عَلَيْكَ فِي الدُّنْيَا وَإِنِّي أَغْفِرُهَا لَكَ الْيَوْمَ فَيُعْطَى صَحِيفَةَ حَسَنَاتِهِ وَأَمَّا الْكُفَّارُ وَالْمُنَافِقُونَ فَيُنَادَى بِهِمْ عَلَى رُءُوسِ الْخَلَائِقِ هَؤُلَاءِ الَّذِينَ كَذَبُوا عَلَى اللَّهِ

हमसे कहिन है [जुहैर बिन हरब] हमसे [इस्माइल बिन इब्राहिम] [हिस्याम अद दस्तावाई] से [कतादाह] से [शफवान बिन मुहरिज़] से कहिन हैं, उ कहिन; 'एक मनई इब्न उमर से पूछिस; 'तुमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को अल्लाह के बयान के बारे में फुसफुसाहट में कैसे कहा सुना? ' [इब्न उमर] ने जवाब दिया; 'मैंने एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना: 'कियामत के दिन मुमिनन का अल्लाह अज्जा व जल्ला से बहुत नजदीक से सामना होई जब तक कि ओनके शरीर अल्लाह का छू न लेइ। यहिके बाद अल्लाह ओकरे पापन के पुष्टि करिहैं। तब अल्लाह पूछेगा: 'क्या तुम अपने पाप को जानते हो? ' आस्तिक जवाब दिहिस; 'हे भगवान। हम आपन पाप जानित है। अल्लाह कहत है: सचमुच, हम दुनिया मा रहते हुए आपके लिए छुपाये रहेन अऊर आज हम आपका माफ कइ दिहे रहेन। फिर आस्तिक का ओकरे अच्छा कामन के रिकॉर्ड दीन जात है। इधर सब प्राणी के सामने काफिर और पाखंडियों को जोरदार आवाज में पुकारा जाएगा: 'ये वै लोग हैं जिन्होंने अल्लाह अज्जा वा जल्ला से झूठ बोला है'।

Hadith Corroboration :


Imam Muslim : 4972
Imam Ibnu Majah : 179