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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Peran sahabat sebagai benteng keselamatan umat

Imam Muslim : 4596

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَإِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ بْنِ أَبَانَ كُلُّهُمْ عَنْ حُسَيْنٍ قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ عَلِيٍّ الْجُعْفِيُّ عَنْ مُجَمَّعِ بْنِ يَحْيَى عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ أَبِي بُرْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَ صَلَّيْنَا الْمَغْرِبَ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ قُلْنَا لَوْ جَلَسْنَا حَتَّى نُصَلِّيَ مَعَهُ الْعِشَاءَ قَالَ فَجَلَسْنَا فَخَرَجَ عَلَيْنَا فَقَالَ مَا زِلْتُمْ هَاهُنَا قُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّيْنَا مَعَكَ الْمَغْرِبَ ثُمَّ قُلْنَا نَجْلِسُ حَتَّى نُصَلِّيَ مَعَكَ الْعِشَاءَ قَالَ أَحْسَنْتُمْ أَوْ أَصَبْتُمْ قَالَ فَرَفَعَ رَأْسَهُ إِلَى السَّمَاءِ وَكَانَ كَثِيرًا مِمَّا يَرْفَعُ رَأْسَهُ إِلَى السَّمَاءِ فَقَالَ النُّجُومُ أَمَنَةٌ لِلسَّمَاءِ فَإِذَا ذَهَبَتْ النُّجُومُ أَتَى السَّمَاءَ مَا تُوعَدُ وَأَنَا أَمَنَةٌ لِأَصْحَابِي فَإِذَا ذَهَبْتُ أَتَى أَصْحَابِي مَا يُوعَدُونَ وَأَصْحَابِي أَمَنَةٌ لِأُمَّتِي فَإِذَا ذَهَبَ أَصْحَابِي أَتَى أُمَّتِي مَا يُوعَدُونَ

हमका [अबू बकर बिन अबू स्याबा] अऊर [इशाक बिन इब्राहिम] अऊर [अब्दुल्ला बिन उमर बिन अबान] सब [हुसैन] से बताय के बाद उ कहिन; [अबू बकर] ने हमसे [हुसैन बिन 'अली अल जुफी] से [मुजम्मा' बिन याह्या] से [सैद बिन अबू बुरदह] से [अबू बुरदह] से [अपने पिता] से कहा है उ कहिन; 'हम एक बार रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे जमात नमाज पढ़े रहेन। तब हम कहेन; 'ईशा नमाज के इंतजार करत समय हमका रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे बैठै का चाही।' श्री अबू बुरदह ने कहा; 'हम मस्जिद में बैठे थे, तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम हमरे पास आए और पूछा: 'क्या आप अभी भी यहाँ हैं? ' हमने जवाब दिया, हाँ, अल्लाह के रसूल! आपके साथ मिलकर हमने मगरिब का नमाज पढ़ा है। यहिसे हम आपके साथ जमात मा ईशा के नमाज के इंतजार करत मस्जिद मा बैठै का चुनेन'। अल्लाह के रसूल ने कहा : 'तुम सचमुच सींग वाले हो ! आह अच्छा करौ'। तब अल्लाह के रसूल ने अपना सिर ऊपर उठाकर कहा: 'ये तारे आकाश के स्थिरकर्ता हैं। अगर तारा गायब होइ जात हैं, तौ आकाश मा वादा कीन गा रहा। मैं अपने मित्रन के दिलासा देइ वाला हउँ। अगर मैं अब वहाँ नाहीं रहब, तौ उ, मोर दोस्त, वादा कीन गा चीज से टकरा जइहैं। मोर दोस्त मोर लोगन के आश्वासन हैं। अगर मोर दोस्त चले गें, तौ मोर लोगन का निश्चित तौर पर वहिसे मार पड़ी जवन ओनसे वादा कीन गा रहा'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 10619, 18745
Imam Bukhari : 2682, 3327, 3376
Imam Muslim : 4596, 4597, 4598