इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Kedudukan kaum Anshar sebagai teman dekat dan pemegang rahasia ('Aibah) Rasulullah SAW

Imam Muslim : 4565

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ وَاللَّفْظُ لِابْنِ الْمُثَنَّى قَالَا حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ سَمِعْتُ قَتَادَةَ يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ الْأَنْصَارَ كَرِشِي وَعَيْبَتِي وَإِنَّ النَّاسَ سَيَكْثُرُونَ وَيَقِلُّونَ فَاقْبَلُوا مِنْ مُحْسِنِهِمْ وَاعْفُوا عَنْ مُسِيئِهِمْ

हमसे [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] अऊर [मुहम्मद बिन बसिसियार] बताइन हैं अऊर ई लफाज़ इब्न अल मुत्सना से संबंधित है, उ कहिन; हमका [मुहम्मद बिन जाफर] बताइस है; हमका [स्यूबाह] बतावा गा है कि हम [कतादाह] का [अनस बिन मलिक] से बतावत सुनेन कि रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'वास्तव मा अंसार लोग मोर रहस्यन के रखवाले हैं अऊर मोर प्रिय अऊर मोर रक्षक हैं, वास्तव मा अंसार के अलावा अउर लोग बहुत होइ जइहैं अऊर अंसार कम होइ जइहैं। यहिसे जे अच्छा अहै ओनका स्वीकार करा अऊर जे दोषी अहै ओनका माफ करा'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 11857, 11858, 12334, 12339, 13215, 13374
Imam Bukhari : 3501, 3502, 3517, 4782, 4833, 6154
Imam Muslim : 4563, 4564, 4565
Imam Tirmidzi : 3842