Kelemahan setan dan ketakutannya terhadap keteguhan iman hamba Allah
Imam Muslim : 4410
حَدَّثَنَا مَنْصُورُ بْنُ أَبِي مُزَاحِمٍ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ يَعْنِي ابْنَ سَعْدٍ ح و حَدَّثَنَا حَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ قَالَ عَبْدٌ أَخْبَرَنِي و قَالَ حَسَنٌ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ وَهُوَ ابْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ صَالِحٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَخْبَرَنِي عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدٍ أَنَّ مُحَمَّدَ بْنَ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَاهُ سَعْدًا قَالَ اسْتَأْذَنَ عُمَرُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَعِنْدَهُ نِسَاءٌ مِنْ قُرَيْشٍ يُكَلِّمْنَهُ وَيَسْتَكْثِرْنَهُ عَالِيَةً أَصْوَاتُهُنَّ فَلَمَّا اسْتَأْذَنَ عُمَرُ قُمْنَ يَبْتَدِرْنَ الْحِجَابَ فَأَذِنَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَضْحَكُ فَقَالَ عُمَرُ أَضْحَكَ اللَّهُ سِنَّكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَجِبْتُ مِنْ هَؤُلَاءِ اللَّاتِي كُنَّ عِنْدِي فَلَمَّا سَمِعْنَ صَوْتَكَ ابْتَدَرْنَ الْحِجَابَ قَالَ عُمَرُ فَأَنْتَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَحَقُّ أَنْ يَهَبْنَ ثُمَّ قَالَ عُمَرُ أَيْ عَدُوَّاتِ أَنْفُسِهِنَّ أَتَهَبْنَنِي وَلَا تَهَبْنَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قُلْنَ نَعَمْ أَنْتَ أَغْلَظُ وَأَفَظُّ مِنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ مَا لَقِيَكَ الشَّيْطَانُ قَطُّ سَالِكًا فَجًّا إِلَّا سَلَكَ فَجًّا غَيْرَ فَجِّكَ حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مَعْرُوفٍ حَدَّثَنَا بِهِ عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ أَخْبَرَنِي سُهَيْلٌ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ جَاءَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَعِنْدَهُ نِسْوَةٌ قَدْ رَفَعْنَ أَصْوَاتَهُنَّ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمَّا اسْتَأْذَنَ عُمَرُ ابْتَدَرْنَ الْحِجَابَ فَذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ
हमसे [मंसूर बिन अबू मुजाहिम] बताइस है; हमका [इब्राहिम] अर्थात् इब्न साद बताइस है; वइसने ई दूसर मार्ग से सुनावा गा है, अऊर हमका [हसन अल हुलवानी] अऊर [अबाद बिन हुमैद] दुइनौ कहिन; ['सदी] कहिन; मोका सूचित किहिन है; अऊर कहिन [हसन]; हमका [याकूब] अर्थात् इब्न इब्राहिम बिन सअद बताइस है; हमका [मेरे पिता] का [सलीह] से [इब्न शिहाब] से बतावा है; मोका बतावा है ['अब्दुल हामिद बिन अब्दुर रहमान बिन जैद], [मुहम्मद बिन साद बिन अबी वक्काश] ने बतावा है कि ओकर पिता, अर्थात् [साद] कहिन; 'एक बार उमर बिन खठथब ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से उनसे मिलने के अनुमति मांगी। उ समय कईयो कुरैश औरत रहीं जे ओनसे लंबा अऊर जोर से बात करत रहीं। उमर के घुसय के अनुमति माँगे के बाद, औरत तुरंत खड़ी होइ गइन अऊर परदा के पीछे छुप गइन -हिजाब-। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुस्कुराते हुए उमर को अंदर बुलाया। उमर कहिन; 'का बात मुस्कुराती है, हे अल्लाह के रसूल!' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: 'हाय उमर, दरअसल मैं खुदै उन औरतन से हैरान रहौं जे पहिले मोर साथ रहीं। काहे से कि, जब उइ तोहार आवाज सुनत हैं, तौ उइ तुरतै छुप जात हैं।' तब उमर कहिन, "वास्तव मा, ई आप ही हैं जेकरे सम्मान करै का ओनका ज्यादा अधिकार है।" तब उमर ने घूँघट के ओर मुड़कर जहाँ औरतें थीं और कहा; 'हे लोग जे अपने दुश्मन हैं, का तुम मोर प्रति अनिच्छुक महसूस करत हौ अऊर अल्लाह के रसूल के प्रति नाहीं?' कुरैश औरत जवाब दिहिन; 'हाँ, काहे से कि तुम अल्लाह के रसूल से भी कठोर हौ!' तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा; 'मेरे आत्मा के कसम जवन उनके हाथन मा है, वास्तव मा कोई भी शैतान तोहरे पास से एक रास्ता से नाहीं गुजरी, हे उमर, लेकिन शैतान तोहरे रास्ता से बचे खातिर दूसर रास्ता पर मुड़ जाई'। हमसे [हारून बिन मा'रूफ] बताइस है; हमका अपने साथ ['अब्दुल अजीज बिन मुहम्मद] बताइस है; [अबू हुरैरा] से [उनके पिता] से मोका [सुहैल] बतावा गा रहा कि उमर बिन अल खथथब रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास आए रहे, उ समय कईयो कुरैश औरत रहीं जे उनसे जोर से बात करत रहीं। उमर के घुसय के अनुमति माँगे के बाद, औरत तुरंत खड़ी होइ गइन अऊर परदा के पीछे छिप गइन -हिजाब- -हदीस अज़ जुहरी के अनुसार।