Bukan golongan kami yang tak menyayangi anak kecil
Imam Muslim : 4281
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ وَابْنُ نُمَيْرٍ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ قَدِمَ نَاسٌ مِنْ الْأَعْرَابِ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالُوا أَتُقَبِّلُونَ صِبْيَانَكُمْ فَقَالُوا نَعَمْ فَقَالُوا لَكِنَّا وَاللَّهِ مَا نُقَبِّلُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَمْلِكُ إِنْ كَانَ اللَّهُ نَزَعَ مِنْكُمْ الرَّحْمَةَ و قَالَ ابْنُ نُمَيْرٍ مِنْ قَلْبِكَ الرَّحْمَةَ
हमका बतावा गा है कि [अबू बकर बिन अबू स्याबा] अऊर [अबू कुरैब] दुइनौ कहिन; हमका [अबू उसामा] अऊर [इब्न नुमीर] का [हिशाम] से [अपने पिता] से [आइशा] से बताय के बाद उ कहिन; 'अरब गाँव से लोगों का एक समूह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलने आया, फिर पूछा; 'का तुम आमतौर पर अपने बच्चन का चुमत हौ? मित्रन ने जवाब दिहिन; 'हाँ'। तब उइ कहिन; 'अल्लाह के कसम हम ओका कबो चुम्मा नाहीं लिहेन। त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: अगर अल्लाह 'अज्जा वजल्ला आपसे आपके स्नेह छीन लेत है' तो मैं शक्तिहीन हउँ। इब्न नुमाइर ने संपादकीय रूप से कहा; 'अपने दिल से प्यार'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 6445, 6640, 6643, 6776, 6824, 6988, 7329, 10257, 10935, 11278, 18373, 18375, 18378, 18379, 18393, 18398, 18407, 18444, 18447, 18450, 18461
Imam Bukhari : 5538, 5539, 5554, 6828
Imam Muslim : 4281, 4282, 4283
Imam Abu Dawud : 4292, 4541
Imam Tirmidzi : 1834, 1842, 1843, 1844, 1845
Imam Ibnu Majah : 3655