Beliau bersabda: sesungguhnya susu itu sangat baik untuk hati orang sakit, ia dapat menghilangkan kesedihan (dari rasa sakit)
Imam Muslim : 4106
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ جَدِّي حَدَّثَنِي عُقَيْلُ بْنُ خَالِدٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهَا كَانَتْ إِذَا مَاتَ الْمَيِّتُ مِنْ أَهْلِهَا فَاجْتَمَعَ لِذَلِكَ النِّسَاءُ ثُمَّ تَفَرَّقْنَ إِلَّا أَهْلَهَا وَخَاصَّتَهَا أَمَرَتْ بِبُرْمَةٍ مِنْ تَلْبِينَةٍ فَطُبِخَتْ ثُمَّ صُنِعَ ثَرِيدٌ فَصُبَّتْ التَّلْبِينَةُ عَلَيْهَا ثُمَّ قَالَتْ كُلْنَ مِنْهَا فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ التَّلْبِينَةُ مُجِمَّةٌ لِفُؤَادِ الْمَرِيضِ تُذْهِبُ بَعْضَ الْحُزْنِ
हमसे कहिन है ['अब्दुल मलिक बिन स्यूअैब बिन अल लैट्स बिन सद]; [जद्दी] से [मेरे पिता] का बताइस है; ['उकैल बिन खालिद] से [इब्नू शिहाब] से ['उर्वाह] से ['ऐस्याह] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पत्नी से ई बतावा गा है कि जब ओकरे परिवार से केहू -ऐसियाह- मर जात है तौ मेहरारू इकट्ठा होत हैं, फिर उ लोग ओकरे परिवार अऊर ओकरे सबसे करीबी लोगन के छोड़ के चल देत हैं। तब -ऐस्याह- ने हुकुम दिया कि पत्थर का एक बर्तन लेकर उसमें तालबीनाह - आटा और खजूर से बना खाना - भर दो, फिर खाना पकाओ, फिर दलिया बनाओ और उस पर खाना डालो। तब -ऐस्याह- कहिन; 'इका खाओ, काहे से कि सचमुच हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहत सुने हई: 'आटा अऊर खजूर से बना भोजन बीमार दिल के लिए सुकून देत है अऊर कुछ उदासी का दूर कइ सकत है'।