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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Rasulullah senang memberi nama Abdullah

Imam Muslim : 3996

حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا ابْنُ عَوْنٍ عَنْ ابْنِ سِيرِينَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ كَانَ ابْنٌ لِأَبِي طَلْحَةَ يَشْتَكِي فَخَرَجَ أَبُو طَلْحَةَ فَقُبِضَ الصَّبِيُّ فَلَمَّا رَجَعَ أَبُو طَلْحَةَ قَالَ مَا فَعَلَ ابْنِي قَالَتْ أُمُّ سُلَيْمٍ هُوَ أَسْكَنُ مِمَّا كَانَ فَقَرَّبَتْ إِلَيْهِ الْعَشَاءَ فَتَعَشَّى ثُمَّ أَصَابَ مِنْهَا فَلَمَّا فَرَغَ قَالَتْ وَارُوا الصَّبِيَّ فَلَمَّا أَصْبَحَ أَبُو طَلْحَةَ أَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْبَرَهُ فَقَالَ أَعْرَسْتُمْ اللَّيْلَةَ قَالَ نَعَمْ قَالَ اللَّهُمَّ بَارِكْ لَهُمَا فَوَلَدَتْ غُلَامًا فَقَالَ لِي أَبُو طَلْحَةَ احْمِلْهُ حَتَّى تَأْتِيَ بِهِ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَى بِهِ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَبَعَثَتْ مَعَهُ بِتَمَرَاتٍ فَأَخَذَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَمَعَهُ شَيْءٌ قَالُوا نَعَمْ تَمَرَاتٌ فَأَخَذَهَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمَضَغَهَا ثُمَّ أَخَذَهَا مِنْ فِيهِ فَجَعَلَهَا فِي فِي الصَّبِيِّ ثُمَّ حَنَّكَهُ وَسَمَّاهُ عَبْدَ اللَّهِ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ مَسْعَدَةَ حَدَّثَنَا ابْنُ عَوْنٍ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَنَسٍ بِهَذِهِ الْقِصَّةِ نَحْوَ حَدِيثِ يَزِيدَ

हमसे [अबू बकर बिन अबू स्याबाह] बताइस है; हमका [यजीद बिन हारून] बताइस है; हमका [इब्न औन] [इब्न सिरिन] से [अनस बिन मलिक] से रिपोर्ट करै के बाद उ कहिन; एक दिन अबू तल्हा का लइका बीमार होइगा। बाद मा जब अबू तल्हा घर से बाहर जात रहें तौ बच्चा मर गा। जब अबू तल्हा घरे लौटिन तौ उम्म सुलैम से पूछिन; 'मोर बच्चा कइसन बा? उ जवाब दिहिन; 'हम देखित है कि अब ऊ पहिले से ज्यादा शांत है। फिर, रोज के तरह, उम्म सुलैम अपने पति का रात के खाना परोसिन। रात के खाना खाए के बाद, दुइनौ जने सोए अऊर पति-पत्नी के रिश्ता बनाइन। वहिके कुछ देर बाद, उम्म सुलैम अपने बेटवा के हालत के बारे मा सच बतावै लाग, कि ओका दफनावा गा है। अगले दिन अबू तल्हाह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले अऊर ओनसे ई बात बताइन। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा: 'क्या तुम रात भर दूल्हा-दुल्हन रहे हो? अबू तल्हा ने जवाब दिया;; 'हाँ'। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दुआ की: 'हे अल्लाह इन दोनों को आशीर्वाद दे। जब उम्म सुलेम ने एक बच्चा को जन्म दिया, तो अबू तल्हाह ने मुझसे कहा -अनस-; 'इस बच्चे को रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने लाओ ! यहिसे मैं बच्चा का कुछ खजूर के साथै रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के सामने लइ आयेंव। तब ऊ बच्चा का लइके पूछिस- 'का तू ओकरे साथे कुछु लइके आवा हौ? मित्रन ने जवाब दिहिन; हाँ, कुछ तारीख हैं। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने खजूर लिया और तुरंत चबा लिया यहिके बाद जउन खजूर चबाइस रहै वा लइके बच्चा के मुंह मा डाल दिहिस हवै। बच्चा के मुँह हिलाइस अऊर ओका अब्दुल्ला नाम दिहिस। हमका [मुहम्मद बिन बसिस्यार] बताइस है; हमसे [हम्मद बिन मसदह] बताइस है; हमका [इब्न औन] [मुहम्मद] से [अनस] से ई कहानी के साथ बताइस है जइसे कि यजीद के हदीस मा है।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 11590, 12400
Imam Bukhari : 1218, 5048
Imam Muslim : 3996, 4496